खुशखबर: स्वदेशी 'कोवैक्सीन' का पहला ट्रायल कामयाब, नहीं दिखा कोई दुष्प्रभाव
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भारत की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन 'कोवैक्सीन' के क्लीनिकल ट्रायल के प्रथम चरण के परिणाम सामने आ गए हैं। इस परिणाम ने लोगों के साथ-साथ कंपनी को भी राहत दी है। कंपनी की ओर से बुधवार को कहा गया है कि पहले चरण के क्लीनिकल ट्रायल में वैक्सीन ने शरीर में एंटीबॉडी बनाई है और इस दौरान कोई प्रतिकूल प्रभाव देखने को नहीं मिला है।
कंपनी ने कहा कि प्रथम चरण के टीकाकरण के बाद कोई गंभीर परेशानी नहीं हुई और जो थीं वो दवा के बिना तेजी से ठीक हो गईं। इंजेक्शन जहां लगाया गया, उस जगह पर उठा दर्द भी खुद ब खुद ही ठीक हो गया। उल्लेखनीय है कि कोवैक्सीन उन तीन वैक्सीन में शामिल है जिनके आपातकालीन इस्तेमाल के लिए सरकार के पास आवेदन किया गया है।
Interim findings from phase 1 trial of Covaxin: After 1st vaccination, local & systemic adverse events were predominantly mild/moderate in severity & resolved rapidly, without prescribed medication. Most common adverse event was pain at injection site which resolved spontaneously https://t.co/0CinbDySG6
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 16, 2020
कुल 11 अस्पतालों में अलग-अलग स्थानों, 375 स्वयंसेवियों को परीक्षण में शामिल किया गया था। पोर्टल 'मेडआरएक्सआईवी' पर उपलब्ध कराए गए नतीजों के मुताबिक टीके ने एंटीबॉडी तैयार करने काम किया। गंभीर असर की एक घटना सामने आई, जिसका टीकाकरण से कोई जुड़ाव नहीं पाया गया। इसमें बताया गया है कि वैक्सीन को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान पर रखा गया। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इसी तापमान पर अलग-अलग टीकों को रखा जाता है।
परिणाम के मुताबिक, 'प्रतिकूल असर का एक गंभीर मामला सामने आया। प्रतिभागी को 30 जुलाई को टीके की खुराक दी गई थी। पांच दिन बाद प्रतिभागी में कोविड-19 के लक्षण पाए गए और सार्स-कोव2 से उसे संक्रमित पाया गया।' इसमें कहा गया है, 'ये हल्के किस्म के लक्षण थे लेकिन मरीज को 15 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया। न्यूक्लिक एसिड परिणाम नकारात्मक आने पर प्रतिभागी को 22 अगस्त को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह मामला टीका के साथ जुड़ा हुआ नहीं था।'
भारत बायोटेक की संयुक्त निदेशक सुचित्रा इला ने बीते दिनों उम्मीद जताई थी कि सुरक्षा और क्षमता के आंकड़ों के साथ कोवैक्सीन अगले साल की पहली तिमाही में उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने कहा था कि वैक्सीन को साल 2021 की पहली तिमाही में भारत सरकार की टीककरण की चरणबद्ध योजना के अनुसार पहली कैटेगरी दिए जाने की उम्मीद है।