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प्रधानमंत्री मोदी जो योजनाएं चाहते थे, वह सभी इस बजट में शामिल: वित्त मंत्री पीयूष गोयल
Sat, 02 Feb 2019 08:49 AM IST
Shani Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shani Mishra
Updated Sat, 02 Feb 2019 08:49 AM IST
सार
- वित्तमंत्री गोयल ने विपक्ष के हर आरोप का दिया जवाब।
- बातचीत में कहा, गायों की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी।
- सरकार ने किसानों को सम्मान देने के लिए शुरू की योजना।
- हमारी सरकार ने पूर्व सैनिकों को ओआरओपी के 35 हजार करोड़ दिए।
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Narendra Modi- Piyush goyal
विस्तार
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश कर दिया। विपक्ष इसे चुनावी बजट और वोटों का लेखा-जोखा कह रहा है तो सरकार इसे नए भारत का बजट बता रही है। जानकारों की मानें तो इस बजट में हर तबके को साधने की कोशिश की गई है और यह मतदाताओं का जोश बढ़ाने वाला बजट है। वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि प्रधानमंत्री जिन योजनाओं को लाना चाहते थे, उन्हें इस बजट में जगह दी गई है।
बजट पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण
वित्तमंत्री गोयल की मानें तो यह बजट अरुण जेटली और प्रधानमंत्री ने मिलकर बनाया है। प्रधानमंत्री जो योजनाएं लाना चाहते थे वह इस बजट में आई हैं। आम आदमी को राहत देने के लिए अंतरिम बजट की सीमाओं को देखते हुए प्रयास किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वित्तमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों को इसमें राजनीति नजर आ रही है। एयर कंडीशन कमरें में बैठने वाले किसानों और मजदूरों का दर्द नहीं समझ सकते। जब आयुष्मान भारत योजना लाई गई थी कोई चुनाव नहीं था, जब सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का फैसला हुआ था तो कोई चुनाव नहीं था।
55 साल देश पर राज करने वाली कांग्रेस तीन में से केवल एक महिला को ही शौचालय दे पाई, क्यों? क्यों उनके जमाने में शौचालय की पहुंच 34 फीसदी और प्रधानमंत्री मोदी के शासन में 98 फीसदी है? क्या लोगों को बैंक अकाउंट का हक नहीं? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने काम नहीं किया और जब हम करे रहे हैं तो वह निंदा में लगे हैं।
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हमनें पूर्व सैनिकों को दिया सम्मान
चुनावी साल में आयकर की सीमा पांच लाख करने के विपक्ष के आरोपों पर बोलते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में राजकोषीय घाटा 4.5 से 5 फीसदी और महंगाई 10 फीसदी से पार थी। हमनें पूर्व सैनिकों का सम्मान करते हुए वन रैंक वन पेंशन के अंतर्गत 35 हजार करोड़ दिए। प्रधानमंत्री ने विकास की जो आधारशिला रखी है वह दशकों तक देश के विकास में काम आएगा। इससे 130 करोड़ लोगों का जीवन आसान होगा।
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बजट पर राजनीति दुर्भाग्यपूर्ण
वित्तमंत्री गोयल की मानें तो यह बजट अरुण जेटली और प्रधानमंत्री ने मिलकर बनाया है। प्रधानमंत्री जो योजनाएं लाना चाहते थे वह इस बजट में आई हैं। आम आदमी को राहत देने के लिए अंतरिम बजट की सीमाओं को देखते हुए प्रयास किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वित्तमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोगों को इसमें राजनीति नजर आ रही है। एयर कंडीशन कमरें में बैठने वाले किसानों और मजदूरों का दर्द नहीं समझ सकते। जब आयुष्मान भारत योजना लाई गई थी कोई चुनाव नहीं था, जब सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का फैसला हुआ था तो कोई चुनाव नहीं था।
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55 साल देश पर राज करने वाली कांग्रेस तीन में से केवल एक महिला को ही शौचालय दे पाई, क्यों? क्यों उनके जमाने में शौचालय की पहुंच 34 फीसदी और प्रधानमंत्री मोदी के शासन में 98 फीसदी है? क्या लोगों को बैंक अकाउंट का हक नहीं? यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने काम नहीं किया और जब हम करे रहे हैं तो वह निंदा में लगे हैं।
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हमनें पूर्व सैनिकों को दिया सम्मान
चुनावी साल में आयकर की सीमा पांच लाख करने के विपक्ष के आरोपों पर बोलते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में राजकोषीय घाटा 4.5 से 5 फीसदी और महंगाई 10 फीसदी से पार थी। हमनें पूर्व सैनिकों का सम्मान करते हुए वन रैंक वन पेंशन के अंतर्गत 35 हजार करोड़ दिए। प्रधानमंत्री ने विकास की जो आधारशिला रखी है वह दशकों तक देश के विकास में काम आएगा। इससे 130 करोड़ लोगों का जीवन आसान होगा।
नोटबंदी से हुए अनगिनत फायदे
वित्तमंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि नोटबंदी को हमेशा दुर्भावना से देखा गया है। इससे प्रभावित लोग हमेशा इसकी निंदा ही करेंगे। देश के आम नागरिक, करदाताओं और उद्योगपतियों को इससे फायदा हुआ है। यह पहली बार है हुआ है कि सरकार ने ईमानदारी को सम्मान देते हुए मिडिल क्लास को राहत दी है। पहले लोग टैक्स नहीं देना चाहते थे। एक रुपए में 85 पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता था और जनता तक केवल 15 पैसा ही पहुंचता था। हमनें डायरेक्ट खाते में पैसे देकर जनधन योजना, आधार को मोबाइल नंबर से जोड़कर सीधा लोगों को लाभ दिया। अब टैक्स देने वाला भी गर्व महसूस कर रहा है और देश की प्रगति में सहभागी बन रहा है।
2022 तक किसानों की आय होगी दोगुनी
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि हमनें न्यूनतम समर्थन मूल्य को डेढ़ गुना कर दिया है। लगभग 17 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड दिए गए ताकि किसान अपने इलाके में मिट्टी की उर्वरकता के बारे में जान सकें। हम चाहते हैं कि फसल का लाभ किसानों तक जल्द से जल्द पहुंचे। फसल बीमा योजना से उन्हें शत प्रतिशत लाभ मिले। प्रधानमंत्री किसानों का समुचित विकास करना चाहते हैं। किसान परिवारों को आज शौचालय, रसोई गैस और दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं। हाल जी में हमनें मवेशी और मछली पालक किसानों के लिए भी कई फैसले लिए है। सरकार ने ऐसे कई कदम उठाए हैं जिनसे किसानों और उनके परिवारों का जीवन आसान हो और उन्हें प्रगतिशील भविष्य मिल सके।
60 साल से ऊपर के मजदूरों को 3 हजार महीना
जन धन योजना के माध्यम से देश के हर नागरिक को दुर्घटना बीमा मिला है। 60 साल से ऊपर का आदमी ज्यादा काम नहीं कर पाता इसलिए सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पेंशन की योजना लाई है। 18 से 40 साल के मजदूर एक राशि जमा करेंगे, उतना ही सरकार भी देगी। साठ साल की उम्र पार करने पर उन्हें पेंशन मिलेगा।
2022 तक किसानों की आय होगी दोगुनी
किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि हमनें न्यूनतम समर्थन मूल्य को डेढ़ गुना कर दिया है। लगभग 17 करोड़ सॉइल हेल्थ कार्ड दिए गए ताकि किसान अपने इलाके में मिट्टी की उर्वरकता के बारे में जान सकें। हम चाहते हैं कि फसल का लाभ किसानों तक जल्द से जल्द पहुंचे। फसल बीमा योजना से उन्हें शत प्रतिशत लाभ मिले। प्रधानमंत्री किसानों का समुचित विकास करना चाहते हैं। किसान परिवारों को आज शौचालय, रसोई गैस और दूसरी सुविधाएं मिल रही हैं। हाल जी में हमनें मवेशी और मछली पालक किसानों के लिए भी कई फैसले लिए है। सरकार ने ऐसे कई कदम उठाए हैं जिनसे किसानों और उनके परिवारों का जीवन आसान हो और उन्हें प्रगतिशील भविष्य मिल सके।
60 साल से ऊपर के मजदूरों को 3 हजार महीना
जन धन योजना के माध्यम से देश के हर नागरिक को दुर्घटना बीमा मिला है। 60 साल से ऊपर का आदमी ज्यादा काम नहीं कर पाता इसलिए सरकार असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पेंशन की योजना लाई है। 18 से 40 साल के मजदूर एक राशि जमा करेंगे, उतना ही सरकार भी देगी। साठ साल की उम्र पार करने पर उन्हें पेंशन मिलेगा।
गाय की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी
राष्टीय कामधेनु योजना और गायों की सुरक्षा के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह संविधान के नीति निर्देशक सिद्धांतों में शमिल है। हर सरकार का कर्तव्य है कि वह इस विषय में कदम उठाए। हमारी सरकार ने अपना दायित्व निभाया है।