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किसानों को राहत, खेती के लिए छोटे कर्ज पर ब्याज सहायता 31 मई तक बढ़ी
Tue, 31 Mar 2020 05:30 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 31 Mar 2020 05:30 PM IST
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किसानों को राहत
कोरोना वायरस के प्रसार को थामने के लिए देश व्यापारी रोक के बीच किसानों को खेती केलिए सात प्रतिशत की रियायती दर पर तीन लाख रुपये तक के अल्पावधिक फसल ऋण की सुविधा जारी रहेगी। सरकार ऐसे कर्जों पर अपनी ओर से ब्याज सहायता 31 माई तक जारी रखने का फैसला किया है और इसके चलते समय से कर्ज चुकाने वालों को यह कर्ज चार प्रतिशत की ब्याज पर पड़ता है।
एक बयान में, कृषि मंत्रालय ने कहा कि बैंकों द्वारा दिए गए तीन लाख रुपये तक के खेती के ऐस ऋणों पर ब्याज सब्सिडी की समय सीमा बढ़ा दी गई है जिसने भुगतान समय एक मार्च से 31 मई के बीच पड़ रहा है।
इसमें कहा गया है कि लॉकडाउन के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के कारण यह फैसला आया है क्योंकि कई किसान अपने ऋण के भुगतान के लिए बैंकों में नहीं जा पा रहे हैं।
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इसमें कहा गया है कि इसके अलावा, समय पर बिक्री और अपनी उपज के भुगतान की प्राप्ति में कठिनाइयों के कारण, किसानों को उन ऋणों के इस अवधि के दौरान पुनर्भुगतान में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम के तहत, प्रति किसान को तीन लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसली ऋण के लिए दो प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज सहायता प्रदान किया जाता है, बशर्ते कि ऋण देने वाली संस्थाएं जमीनी स्तर पर किसानों को सात प्रतिशत पर अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराएं।
समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए एक प्रतिशत प्रति वर्ष की अतिरिक्त ब्याज सहायता दी जाती है, इस प्रकार समय पर पुनर्भुगतान के लिए चार प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाता है।
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एक बयान में, कृषि मंत्रालय ने कहा कि बैंकों द्वारा दिए गए तीन लाख रुपये तक के खेती के ऐस ऋणों पर ब्याज सब्सिडी की समय सीमा बढ़ा दी गई है जिसने भुगतान समय एक मार्च से 31 मई के बीच पड़ रहा है।
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इसमें कहा गया है कि लॉकडाउन के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के कारण यह फैसला आया है क्योंकि कई किसान अपने ऋण के भुगतान के लिए बैंकों में नहीं जा पा रहे हैं।
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इसमें कहा गया है कि इसके अलावा, समय पर बिक्री और अपनी उपज के भुगतान की प्राप्ति में कठिनाइयों के कारण, किसानों को उन ऋणों के इस अवधि के दौरान पुनर्भुगतान में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम के तहत, प्रति किसान को तीन लाख रुपये तक के अल्पकालिक फसली ऋण के लिए दो प्रतिशत प्रतिवर्ष की ब्याज सहायता प्रदान किया जाता है, बशर्ते कि ऋण देने वाली संस्थाएं जमीनी स्तर पर किसानों को सात प्रतिशत पर अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराएं।
समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए एक प्रतिशत प्रति वर्ष की अतिरिक्त ब्याज सहायता दी जाती है, इस प्रकार समय पर पुनर्भुगतान के लिए चार प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाता है।