फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Insult of BR Ambedkar Constitution Yogi Adityanath questions on DK Shivkumar statement also spoke on Hindi Row

Yogi Adityanath: 'आंबेडकर के संविधान का अपमान', योगी की शिवकुमार को खरीखरी; हिंदी और परिसीमन विवाद पर भी बोले

Wed, 26 Mar 2025 10:18 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Wed, 26 Mar 2025 10:18 AM IST
सार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाचार एजेंसी एएनआई को साक्षात्कार दिया। इसमें उन्होंने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस पार्टी को जमकर खरी-खोटी सुनाई। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण भरतीय राज्यों में हिंदी और परिसीमन को लेकर मचे बवाल को वोटबैंक की सियासत और राजनीतिक एजेंडा करा दिया।

विज्ञापन
Insult of BR Ambedkar Constitution Yogi Adityanath questions on DK Shivkumar statement also spoke on Hindi Row
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
loader

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और कांग्रेस पार्टी की तीखी आलोचना की। उन्होंने कर्नाटक में धर्म-आधारित आरक्षण को लेकर संवैधानिक परिवर्तनों पर शिवकुमार की हालिया टिप्पणियों को बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की विरासत का सीधा अपमान बताया। इसके अलावा उन्होंने दक्षिण भारतीय राज्यों में हिंदी को लेकर मचाए गए बेवजह के बवाल को वोट बैंक की राजनीति करार दिया। 

विज्ञापन


एएनआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में सीएम आदित्यनाथ ने शिवकुमार की संविधान बदलने वाली टिप्पणी को संविधान का अपमान करार दिया। उन्होंने बताया कि संविधान के निर्माण के दौरान आंबेडकर ने धर्म-आधारित आरक्षण को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा, 'कर्नाटक सरकार की ओर से धर्म के आधार पर आरक्षण देना बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर के संविधान का अपमान है। संविधान सभा में चर्चा के दौरान धर्म-आधारित आरक्षण का मुद्दा उठाया गया था और बाबासाहेब ने इसका विरोध किया था।' 
विज्ञापन


'संविधान सभा के प्रत्येक सदस्य ने धर्म-आधारित आरक्षण का विरोध किया'
मुख्यमंत्री ने कहा, 'बाबासाहेब ने कहा था कि आरक्षण उन लोगों को सामाजिक रूप से दिया जाना चाहिए, जो वर्षों से अछूते रहे हैं। इसीलिए भारत के संविधान ने उनके लिए विशेष प्रावधान किए। संविधान सभा के प्रत्येक सदस्य ने धर्म-आधारित आरक्षण का विरोध किया, क्योंकि 1947 में देश धार्मिक आधार पर विभाजित हुआ था।' 
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: 'यूपी में मुसलमान सबसे अधिक सुरक्षित...', संभल से लेकर मथुरा मामले पर भी सीएम योगी ने दिया जवाब

कांग्रेस पर आंबेडकर के दृष्टिकोण को बार-बार कमजोर करने का आरोप
उन्होंने कांग्रेस पर आंबेडकर के दृष्टिकोण को बार-बार कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा, '1952 से कांग्रेस ने भीमराव आंबेडकर के संविधान में हस्तक्षेप किया है।' भाजपा की नीतियों के साथ तुलना करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस ने तीन तलाक का समर्थन किया था, जबकि यह मोदी सरकार थी, जिसने इस प्रथा को समाप्त किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस महिला सशक्तिकरण की बात करती थी, लेकिन तीन तलाक का समर्थन करती थी। PM मोदी ने इसे समाप्त कर महिला सशक्तिकरण का सबसे बड़ा उदाहरण पेश किया।' 

'कांग्रेस को उसके चरित्र के बारे में सच्चाई बताई जानी चाहिए'
कांग्रेस की विचारधारा को शिवकुमार से जोड़ते हुए आदित्यनाथ ने कहा, 'कांग्रेस ने जो कुछ भी किया है, डीके शिवकुमार उसे दोहरा रहे हैं। कांग्रेस को उसके चरित्र के बारे में सच्चाई बताई जानी चाहिए। जब उसने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर का अपमान किया, उसने संविधान में कितने संशोधन किए और 1976 में उसने क्या किया।' 

शिवकुमार ने फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया
हालांकि, डीके शिवकुमार ने भाजपा पर उनके बयान को गलत तरीके से पेश करने और फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज कराएंगे। शिवकुमार ने कहा था, 'मैं इस पर विशेषाधिकार हनन का मामला दर्ज कराऊंगा। मैं मुकदमा लड़ूंगा।

Insult of BR Ambedkar Constitution Yogi Adityanath questions on DK Shivkumar statement also spoke on Hindi Row
UP CM Yogi - फोटो : ANI

हिंदी विवाद पर जमकर बरसे योगी
योगी आदित्यनाथ ने तीन भाषाओं के विवाद को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की आलोचना की। उन्होंने इसे संकीर्ण राजनीति बताया। सीएम योगी ने कहा कि स्टालिन क्षेत्र और भाषा के आधार पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनका वोट बैंक खतरे में है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भाषा को लोगों को एकजुट करना चाहिए, न कि विभाजित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि तमिल भारत की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है, जिसका इतिहास और विरासत समृद्ध है। आदित्यनाथ ने सवाल उठाया कि हिंदी से नफरत क्यों की जानी चाहिए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर भाषा सीखना जरूरी है।

'हमें हिंदी से क्यों नफरत करनी चाहिए?'
मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा, 'देश को भाषा या क्षेत्र के आधार पर नहीं बांटा जाना चाहिए। हम प्रधानमंत्री मोदी के आभारी हैं कि उन्होंने वाराणसी में काशी-तमिल संगम की तीसरी पीढ़ी का आयोजन किया। तमिल भारत की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है और इसका इतिहास संस्कृत जितना ही पुराना है। तमिल के प्रति हर भारतीय का आदर और सम्मान है, क्योंकि इस भाषा में भारतीय विरासत के कई तत्व आज भी जीवित हैं। तो फिर हमें हिंदी से क्यों नफरत करनी चाहिए?'

यह भी पढ़ें- 'दुर्भाग्यपूर्ण... कानून को कार्रवाई करनी चाहिए', कुणाल कामरा विवाद पर बोले CM योगी आदित्यनाथ

'उत्तर प्रदेश में तमिल, तेलुगु और अन्य भाषाएं पढ़ाई जा रहीं'
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उत्तर प्रदेश में तमिल, तेलुगु और अन्य भाषाएं पढ़ाई जा सकती हैं, तो तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों में हिंदी क्यों नहीं पढ़ाई जा सकती? मैं कहता हूं कि हमें हर भाषा सीखनी चाहिए। हम उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम पढ़ाते हैं। हम न केवल इन्हें पढ़ा रहे हैं, बल्कि हम उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषाएं भी पढ़ा रहे हैं। यह सब राष्ट्रीय शिक्षा नीति में लागू किया गया है। अगर हम उत्तर प्रदेश के विश्वविद्यालयों में तमिल, तेलुगु, मलयालम, कन्नड़, मराठी और अन्य भाषाएं पढ़ा सकते हैं, तो तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाने में क्या गलत है? मेरा मानना है कि हमें देश के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उत्तर प्रदेश के सीएम ने कहा।

Insult of BR Ambedkar Constitution Yogi Adityanath questions on DK Shivkumar statement also spoke on Hindi Row
UP CM Yogi Adityanath - फोटो : ANI

परिसीमन को लेकर स्टालिन की चिंताओं को खारिज किया
भाषा विवाद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के कार्यान्वयन को लेकर केंद्र और तमिलनाडु सरकार के बीच गतिरोध पैदा कर दिया है। आदित्यनाथ ने परिसीमन को लेकर स्टालिन की चिंताओं को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक एजेंडा बताया। उन्होंने कहा, 'देखिए, गृह मंत्री ने इस मामले पर बहुत स्पष्ट रूप से कहा है। बैठक की आड़ में यह स्टालिन का राजनीतिक एजेंडा है। मेरा मानना है कि गृह मंत्री के बयान के बाद इस मुद्दे पर कोई सवाल नहीं उठना चाहिए।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed