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Telangana Government: पंजाब-हरियाणा के मृतक किसानों के परिजनों को दिए गए चेक क्लियर करने के निर्देश
Fri, 02 Dec 2022 12:19 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, हैदराबाद।
पीटीआई, हैदराबाद।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 02 Dec 2022 12:19 AM IST
सार
मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि तेलंगाना सरकार द्वारा किसानों के करीबी रिश्तेदारों को वित्तीय सहायता के रूप में दिए गए कुछ चेक भुनाए नहीं गए, क्योंकि उनमें से कुछ चेक तीन महीने की वैध अवधि के भीतर बैंकों में जमा नहीं किए गए थे।
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तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव।
- फोटो : PTI
विस्तार
तेलंगाना सरकार ने गुरुवार को कहा कि बैंक अधिकारियों को मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव द्वारा वितरित किए गए कुछ चेकों को फिर से वैध करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। दरअसल, निरस्त तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान पंजाब और हरियाणा के मृतक किसानों के परिजनों को तेलंगाना सरकार ने आर्थिक मदद के तौर पर ये चेक दिए थे। लेकिन किसानों के परिजनों द्वारा तीन महीने की निर्धारित अवधि के भीतर उन्हें भुनाया नहीं गया, जिससे वे चेक अवैध हो गए।
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मीडिया रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि तेलंगाना सरकार द्वारा किसानों के करीबी रिश्तेदारों को वित्तीय सहायता के रूप में दिए गए कुछ चेक भुनाए नहीं गए, क्योंकि उनमें से कुछ चेक तीन महीने की वैध अवधि के भीतर बैंकों में जमा नहीं किए गए थे। मुख्य सचिव सोमेश कुमार ने एक विज्ञप्ति में कहा कि सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है कि उसका सहयोग संबंधित परिवारों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब और हरियाणा के मृतक किसानों के 709 परिवारों को वित्तीय सहायता दी थी।
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मुख्य सचिव ने कहा कि इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस साल 22 मई को मृतक किसानों के परिजनों को 1,010 चेक वितरित किए थे। ऐसी रिपोर्ट सामने आई थी कि वितरित किए गए कुछ चेक भुनाए नहीं गए हैं। इस रिपोर्ट के बाद मामले की जांच की गई और यह पता चला कि मृतक किसानों के परिवारों द्वारा 814 चेक पहले ही भुनाए जा चुके हैं। चेक की वैधता तीन महीने के लिए होती है और कुछ लाभार्थियों ने उक्त तीन महीने के भीतर अपने संबंधित बैंकों में चेक जमा नहीं किया। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग के एक अधिकारी को यह काम सौंपा गया है कि अगर कोई लाभार्थी आगे की सहायता के लिए उसके पास पहुंचता है तो उनकी मदद की जाए।
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विज्ञप्ति में कहा गया है कि तेलंगाना सरकार दुख की इस घड़ी में इन किसानों के परिवारों के साथ मजबूती के साथ खड़ी है और संबंधित परिवारों को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल 22 मई को तेलंगाना के सीएम केसीआर ने चंडीगढ़ का दौरा किया और कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिजनों को तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए थे।
गौरतलब है कि कड़ाके की ठंड, सड़क दुर्घटनाओं, दिल का दौरा और बीमारियों सहित अन्य कारणों से दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हो गई थी। केसीआर ने 2020 में लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प में मारे गए पंजाब के चार सैनिकों के परिवारों को भी मुआवजे के रूप में 10 लाख रुपये दिए थे।