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ओडिशा सरकार का तितली चक्रवात से प्रभावित इलाकों से राहत शिविर हटाना गलत: येचुरी
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 16 Oct 2018 02:00 PM IST
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Sitaram Yechury
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तितली चक्रवात से प्रभावित ओडिशा में पर्याप्त और संतुलित कार्य न करने पर सीपीआई (एम) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। ओडिशा सरकार की आलोचना करते हुए सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि, '' जबकि राज्य सरकार सक्षम हैं फिर भी समय पर सकारात्मक राजनितिक कदम नहीं उठाये गए।''
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येचुरी ने आगे कहा कि,चक्रवात से प्रभावित लोग जो अभी बुरे हालात का सामना कर रहे हैं उनके लिए जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने हेतु ओडिशा सरकार को बड़े कदम उठाने कि आवश्यकता है। हमारी पार्टी कि तरफ से हम राहत कार्यों का पूरा ध्यान रखने की कोशिश करेंगे लेकिन वो काफी नहीं है। राज्य सरकार को बड़े कदम उठाने होंगे।''
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येचुरी के अनुसार, उन्हें अखबार के जरिये सोमवार को पता चला की राज्य सरकार ने राहत कैंप बंद कर दिए हैं और ये बात बिलकुल समझ से परे है। राज्य सरकार को गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। ऐसे बड़े मुद्दे और आपदा इस प्रकार नहीं सुलझाए जा सकते। सरकार का इस प्रकार के मुद्दों पर राहत शिविरों का बंद करना बेहद असंवेदनशील है।
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सीपीआई (एम) नेता ने कहा की इससे पहले अगस्त में भी केरल में प्राकृतिक आपदा आई थी लेकिन केरल की एलडीएफ सरकार ने आपदा को भलीभांति संभाला था। बाढ़ के कारण पूरे राज्य में तबाही मच गयी थी साथ ही केरल सरकार ने बाढ़ से प्रभावित सबसे अधिक संख्या में लोगो को बचाया और मौत की घटनाओं को भी रोकने की कोशिश की। केरल सरकार की सही रणनीति के कारण वहां भरी बाढ़ के बावजूद सरकार ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाने में समर्थ रही।
आपदा में मारे गए लोगों के लिए शोक व्यक्त करते हुए येचुरी ने कहा कि, '' आपदा प्रभावित जिलों से हमारी राज्य समिति ने रिपोर्ट मांगी थी। और रिपोर्ट के अनुसार दुर्घटना दर ज्यादा है।'' सीपीआई (एम) राज्य समिति सचिव आलिकिशोर पटनायक ने ये दावा किया है कि, आपदा में दुर्घटना दर 40 के पार है जबकि फसलों का अधिक नुकसान हुआ है।
वामदल ने आपदा में मृत लोगों के परिवारजनों को 20 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने कि मांग की है। जबकि आलिकिशोर पटनायक ने कहा की राज्य सरकार का महज 4 लाख रुपये मुआवजा देना पर्याप्त नहीं है। साथ ही पार्टी की मांग है कि, राज्य सरकार गरीबों को जिन्होंने ने आपदा में अपना घर खो दिया है उन्हें पक्का घर मुहैया कराये जाएं।