कोरोना से जंग जारी : बहरीन से 'ऑक्सीजन' की पहली खेप लाया आईएनएस तलवार, इन देशों ने भी भेजी मदद
बता दें कि इस कार्य में आईएनएस तलवार के अलावे आईएनएस कोलकाता, कोच्चि, तबर, त्रिकंड, जलाश्व और ऐरावत शामिल हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए भारतीय नौसेना के कई पोत विभिन्न देशों से मेडिकल ऑक्सीजन से भरे क्रायोजेनिक कंटेनर और चिकित्सा उपकरणों की खेप भारत पहुंचाने के लिए तैनात किए गए हैं। इसी क्रम में बुधवार को बहरीन से 54 टन तरल ऑक्सीजन की पहली खेप के साथ आईएनएस तलवार न्यू मंगलूरू बंदरगाह पर पहुंच चुका है। बता दें कि इस कार्य में आईएनएस तलवार के अलावे आईएनएस कोलकाता, कोच्चि, तबर, त्रिकंड, जलाश्व और ऐरावत शामिल हैं।
भारतीय नौसेना ने बुधवार को जनाकरी दी कि उसका एक पोत बहरीन से 54 टन ऑक्सीजन लेकर आज ही यहां पहुंचा है। भारतीय नौसेना ने मित्र देशों से ऑक्सीजन और संबंधित चिकित्सा आपूर्ति लाने के लिए 'ऑपरेशन समुद्र सेतु द्वितीय' शुरू किया है। एक रक्षा अधिकारी ने बयान में बताया कि आईएनएस तलवार आज दोपहर 54 टन ऑक्सीजन लेकर न्यू मंगलूरू बंदरगाह पहुंचा।
बयान में उप नौसेना प्रमुख वाई एडमिरल एमएस पवार के हवाले से कहा गया है कि नौ युद्ध पोतों को क्षेत्र में विभिन्न बंदरगाहों पर भेजा गया है, जिसमें पश्चिम में कुवैत और पूर्व में सिंगापुर शामिल है। बयान में कहा गया है कि इसके अलावा आईएसएन ऐरावत सिंगापुर से और आईएनएस कोलकाता कुवैत से तरल ऑक्सीजन, ऑक्सीजन से भरे सिलेंडर, क्रायोजेनिक टैंक और अन्य चिकित्सा आपूर्ति लेकर भारत लौट रहे हैं।
रक्षा अधिकारी के मुताबिक, तीन और युद्ध पोत कुवैत और दोहा (कतर) से और आपूर्ति हासिल करेंगे। वाइस एडमिरल ने कहा कि भारतीय नौसेना ने पिछले साल आईओआर (हिंद महासागर रिम एसोसिएशन) देशों से हमारे परेशान नागरिकों को वापस लाने के लिए ऑपरेशन समुद्र सेतु शुरू किया था, उसी तरह मैं देशवासियों को आश्वस्त कर दूं कि नौसेना राहत लाने के लिए अपनी कोशिशों को जारी रखेगी और साथ मिलकर इस चुनौती से निपटेंगे।
इन देशों ने भेजी मदद
इस्राइल, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन आदि देशों से चिकित्सा सहायता की खेप बुधवार को भारत पहुंची जिसमें ऑक्सीजन सांद्रक, रैपिड टेस्टिंग कि ऑक्सीजन सिलिंडर, वेंटीलेटर, रेमडेसिविर की शीशियां, दवा आदि शामिल हैं। इन देशों से भारत को यह चिकित्सा आपूर्ति ऐसे समय में भेजी गई है, जब भारत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है।
इजराइल से भेजी गई चिकित्सा सहायता संबंधी यह खेप विशेष विमान से भारत लाई गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने अपने ट्वीट में कहा कि भारत और अमेरिका की सामरिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए, अमेरिका से आज सुबह रेमडेसिविर की 81000 शीशियां मुंबई पहुंचीं।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि एक-दूसरे के साथ आगे बढ़ते हुए। ऑक्सीजन संयंत्र, 2.8 लाख रैपिड टेस्टिंग किट एवं अन्य चिकित्सा उपकरण के साथ अमेरिकी विमान भारत पहुंचा। बागची ने कहा कि अमेरिका के मजबूत सहयोग का तहे दिल से सराहना करते हैं। हमारी आक्सीजन क्षमता और मजबूत होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि हमारे मित्र ऑस्ट्रेलिया से 1056 वेंटीलेटर और 43 ऑक्सीजन सांद्रक तोहफे में प्राप्त होने पर हम उसकी सराहना करते हैं। हमारी समग्र सामरिक साझेदारी और मजबूत होगी।
बागची ने ट्वीट कर बहरीन के समर्थन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के साझे इतिहास एवं सांस्कृतिक निकटता से युक्त करीबी द्विपक्षीय संबंध और आगे बढ़ेंगे। बागची ने यह भी बताया कि जिलिएड साइंसेज ने रेमडेसिविर की 1.5 लाख शीशियां दी हैं। उन्होंने इस 'उदार योगदान' के लिए जिलिएड को धन्यवाद दिया।
दूसरी ओर, आईएनएस कोलकाता 40 मीट्रिक टन तरल चिकित्सा आक्सीजन, 200 ऑक्सीजन सिलिंडर, 4 ऑक्सीजन सांद्रक के साथ कुवैत से रवाना हो गया है। वहीं, इस्राइल के दूतावास ने कहा कि ऐसी और उड़ानों के जरिये आपात चिकित्सा सहायता पहुंचाई जाएगी। इसमें समूह एवं व्यक्तिगत ऑक्सीजन संयंत्र, श्वसन में सहायक उपकरण, दवा सहित अतिरिक्त चिकित्सा उपकरण शामिल हैं।
इस्राइलके राजदूत रॉन माल्का ने कहा कि जरूरत के इस समय में दोनों लोकतंत्र मजबूती से साथ साथ खड़े हैं। इस्राइल हमारे मित्र भारत को इस जटिल और कठिन समय में सहायता का हाथ बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संकट के समय हमारी मित्रता और सहयोग मजबूत है और यह अधिक मजबूत होगा। भारत के साथ इस वैश्विक महामारी के खिलाफ संयुक्त लड़ाई को लेकर सहयोग को मैं काफी महत्वपूर्ण मानता हूं।