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सरकार की पहल: एलएनजी से बड़े पैमाने पर दौड़ेंगे वाहन, मिलेगा 900 किमी तक का माइलेज!

Sat, 13 Mar 2021 06:35 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 13 Mar 2021 06:35 PM IST
सार

डिस्पेंसर का स्वदेशी निर्माण करने वाली आईनोक्स कंपनी के सीईओ दीपक आचार्य ने कहा, भारत में बनाया गया डिस्पेंसर हर मायने में विदेशी डिस्पेंसर का मुकाबला कर सकता है और यह यूरोपीय मानकों पर खरा है...

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INOXCVA develops India first LNG dispenser, LNG being introduced as a vehicular fuel as per the Central Motor Vehicle Rules
LNG dispenser - फोटो : For Refernce Only

विस्तार

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से परेशान जनता के लिए अच्छी खबर है। एलएनजी स्टेशनों तक ईंधन टैंकों के लिए डिस्पेंसर देश में ही तैयार कर लिया गया है। इससे एलएनजी की सुरक्षित और सुगम सप्लाई के रास्ते की अंतिम बाधा भी दूर हो गई है। अच्छी बात यह भी है कि यह स्वदेशी डिस्पेंसर विदेशी डिस्पेंसर से कही सस्ता और सहज उपलब्ध होगा। एक विदेशी डिस्पेंसर करीब 70 लाख रुपये का पड़ता है, लेकिन अब इसका आयात नहीं करना पड़ेगा।

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एलएनजी को भारी वाहनों का मुख्य ईंधन बनाने की योजना के तहत सरकार ने 1000 एलएनजी स्टेशन स्थापित करने की घोषणा की थी और पिछले महीने ही एलएनजी पॉलिसी का ड्राफ्ट सार्वजनिक किया गया, जिसके तहत लम्बी दूरी तक माल ढोने वाले ट्रकों में से 10 फीसदी को एलएनजी पर ले जाने का लक्ष्य है।
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डिस्पेंसर का स्वदेशी निर्माण करने वाली आईनोक्स कंपनी के सीईओ दीपक आचार्य ने कहा, भारत में बनाया गया डिस्पेंसर हर मायने में विदेशी डिस्पेंसर का मुकाबला कर सकता है और यह यूरोपीय मानकों पर खरा है। पेट्रो सेफ्टी आर्गेनाइजेशन ने इसके मानकों पर मुहर लगाई है। सरकार ने हाल ही में 50 एलएनजी फिलिंग स्टेशनों को मंजूरी दी है और भारतीय डिस्पेंसरों से वहां जल्द ही एलएनजी आपूर्ति होने लगेगी।
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हर स्टेशन के लिए कम से कम डिस्पेंसरों की जरूरत होगी। अगले एक दशक में लगने वाले एक हजार से स्टेशनों के लिए कम से कम 2000 हजार डिस्पेंसरों की आवश्यकता होगी। ड्राफ्ट पॉलिसी में अगले 10 साल में 70 मिलियन टन प्रति वर्ष एमटीपीए की एलएनजी भरने की क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। हर एक एमपीटीए से 20 करोड़ डॉलर की बचत होगी। इस तरह ईंधन के मद में ही देश 1400 करोड़ डालर बचा सकेगा। लिक्विड ईंधन से प्रति वर्ष 2.7 लाख टन कम कार्बन डाइऑक्साइड निकलेगी।
 
एलएनजी स्टेशन गोल्डन क्वाड्रीलेटरल और सभी प्रमुख राजमार्गों के अलावा औद्योगिक एवं कमर्शियल कॉरिडोर में लगाए जाएंगे, ताकि भारी वाहनों की एलएनजी से आवाजाही को बढ़ावा मिले। एलएनजी के मोबाइल डिस्पेंसर भी जगह-जगह रखने की योजना है।

एलएनजी के फायदे

  • चार सिलंडर वाला सीएनजी ट्रक 300 किलोमीटर तक चल पाता है, डीजल ट्रक 400 किलोमीटर, जबकि एलएनजी ट्रक चल पाएगा 700 से 900 किलोमीटर तक
  • सीएनजी के 4-सिलंडर भरने में 30 से 40 मिनट का समय लगता है। एलएनजी भर जाएगी 3 से 4 मिनट में, डीजल के मुकाबले एलएनजी ट्रक की लागत होगी 30 से 40 फीसदी कम
  • फुल 4-सिलंडर सीएनजी का वजन होता है 600 किलो से ज्यादा, एलएनजी का सिलंडरों का कुल वजन होगा करीब 250 से 300 किलो। इससे ट्रकों की वजन ले जाने की क्षमता भी इतनी ही बढ़ेगी
  • फुल सीएनजी के ट्रक में 200 बार प्रेशर होता है, एलएनजी में होगा 8 से 10 बार प्रेशर। इस तरह यह ट्रक होगा होगा बेहद सुरक्षित।
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