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Innovation: देश को मिली पहली AI शिक्षिका, तीन भाषाओं में करती है बात; इस राज्य के स्कूल में साड़ी पहनकर पहुंची
Sat, 09 Mar 2024 06:48 AM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 09 Mar 2024 06:48 AM IST
सार
नवाचार के क्षेत्र में देश को बड़ी कामयाबी मिली है। केरल के स्कूल में पहली एआई शिक्षिका साड़ी पहनकर पहुंची। यह शिक्षिका तीन भाषाओं में संवाद करती है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस एआई शिक्षिका चैट जीपीटी जैसे प्रोग्रामिंग से लैस है।
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केरल के स्कूल में पहली एआई शिक्षिका आइरिस (वीडियो ग्रैब)
- फोटो : social media
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विस्तार
देश को पहली एआई शिक्षिका मिल गई है। केरल के तिरुवनंतपुरम के एक स्कूल में आईरिस नामक एक रोबोट शिक्षक पेश किया गया है। इसे ‘मेकरलैब्स एडुटेक’कंपनी की मदद से बनाया गया है। कंपनी के मुताबिक, आईरिस देश की पहली जेनरेटिव एआई टीचर है। राज्य के केटीसीटी स्कूल में एआई शिक्षिका साड़ी में नजर आई और बच्चों से हाथ मिलाया।
दरअसल आईरिस भारत सरकार की योजना एटीएल (अटल टिंकरिंग लैब) का हिस्सा है। इसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों के बीच मनोरंजक गतिविधियों को बढ़ाना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह तीन प्रमुख भाषाओं में बातचीत कर सकती है और यह विद्यार्थियों के कठिन से कठिन सवालों के जवाब भी बेहद आसानी से दे सकती है। आईरिस का नॉलेज बेस चैटजीपीटी जैसे प्रोग्रामिंग से बनाया गया है। यह अन्य ऑटोमेटिक शिक्षण उपकरणों से ज्यादा व्यापक है। इसमें एक इंटेल प्रोसेसर और एक को-प्रोसेसर है, जो कई तरह के कमांड को संभालेगा। एजेंसी
स्कूल में होंगे नए प्रयोग; ये हैं विशेषताएं
मानव निर्मित आईरिस चार पहियों पर घूमती है। आईरिस के गले में माइक्रोफोन को एक हार के रूप में सजाया गया है और बात करने के लिए इसमें स्पीकर लगाया गया है। यह गणित या विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों के कठिन प्रश्नों का उत्तर दे सकती है। यह आपकी आवाज के मामले में आपको व्यक्तिगत मदद भी कर सकती है। आईरिस तीन अलग-अलग भाषाओं में बात कर सकती है। यह एआई सिद्धांत पर काम करता है, इसमें आवाज को टेक्स्ट (मूल शब्द) में और टेक्स्ट को आवाज में बदलने की क्षमता है। यह बच्चों को कहानियां भी सुना सकती है।
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दरअसल आईरिस भारत सरकार की योजना एटीएल (अटल टिंकरिंग लैब) का हिस्सा है। इसका उद्देश्य स्कूलों में बच्चों के बीच मनोरंजक गतिविधियों को बढ़ाना है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह तीन प्रमुख भाषाओं में बातचीत कर सकती है और यह विद्यार्थियों के कठिन से कठिन सवालों के जवाब भी बेहद आसानी से दे सकती है। आईरिस का नॉलेज बेस चैटजीपीटी जैसे प्रोग्रामिंग से बनाया गया है। यह अन्य ऑटोमेटिक शिक्षण उपकरणों से ज्यादा व्यापक है। इसमें एक इंटेल प्रोसेसर और एक को-प्रोसेसर है, जो कई तरह के कमांड को संभालेगा। एजेंसी
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स्कूल में होंगे नए प्रयोग; ये हैं विशेषताएं
मानव निर्मित आईरिस चार पहियों पर घूमती है। आईरिस के गले में माइक्रोफोन को एक हार के रूप में सजाया गया है और बात करने के लिए इसमें स्पीकर लगाया गया है। यह गणित या विज्ञान जैसे विभिन्न विषयों के कठिन प्रश्नों का उत्तर दे सकती है। यह आपकी आवाज के मामले में आपको व्यक्तिगत मदद भी कर सकती है। आईरिस तीन अलग-अलग भाषाओं में बात कर सकती है। यह एआई सिद्धांत पर काम करता है, इसमें आवाज को टेक्स्ट (मूल शब्द) में और टेक्स्ट को आवाज में बदलने की क्षमता है। यह बच्चों को कहानियां भी सुना सकती है।
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