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महाराष्ट्र में ठेकेदारों की बर्बरता: मजदूरों से दिन में 12 घंटे कुंआ खुदवाया, रात में जंजीरों से बांध कर रखा
Tue, 20 Jun 2023 02:49 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 20 Jun 2023 02:49 PM IST
सार
उस्मानाबाद के ढोकी पुलिस थाना क्षेत्र के खमसवाडी और वाखरवाडी गांव में दो-तीन महीने पहले ठेकेदारों ने कुंआ खोदने के लिए इन मजदूरों को तैनात किया था। इस दौरान सभी मजदूरों को बंधक बनाकर उन्हें रोजाना प्रताड़ित भी किया जाता था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
महाराष्ट्र के उस्मानाबाद जिले में कुंआ खोदने के काम में लगाए गए 11 मजदूरों को ठेकेदारों ने जंजीरों से बांधकर रखा था। पुलिस ने उन सभी 11 मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया है।
मजदूरों ने ठेकेदारों द्वारा किए गए इस बर्बरता की आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि उन्हें 12 घंटे रोजाना काम करने के लिए कहा गया था। इस दौरान उन्हें एक रुपये भी नहीं दिया जाता था। खाना भी उन्हें सिर्फ एक समय ही दिया जाता था, जिस कुंए में वो काम करते थे वहीं उन्हें नित्यक्रिया करने के लिए कहा गया था।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में अबतक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दो कॉन्ट्रैक्टर भी शामिल है।
उस्मानाबाद के ढोकी पुलिस थाना क्षेत्र के खमसवाडी और वाखरवाडी गांव में दो-तीन महीने पहले ठेकेदारों ने कुंआ खोदने के लिए इन मजदूरों को काम पर लगाया गया था। इस दौरान सभी मजदूरों को बंधक बनाकर उन्हें रोजाना प्रताड़ित भी किया जाता था। उनमें से एक मजदूर किसी तरह भागने में सफल रहा। हिंगोली जिले में पहुंच कर उसने स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत के बाद हिंगोली पुलिस ने उस्मानाबाद के ढोकी पुलिस से संपर्क किया। सहायक पुलिस निरीक्षक जगदीश राउत ने बताया- 'जब पुलिस टीम वाखरवाडी गांव पहुंची तो देखा कि पांच मजदूर कुंए में काम कर रहे थे। सवाल करने पर पुलिस को पता चला कि मजदूरों को 12 घंटे काम करने के लिए रखा गया था। रात में उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा जाता था जिससे कि वो भाग न सके।'
उन्होंने बताया कि पांचों मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मजदूरों को रोजाना सुबह के सात बजे से कुंए में काम करने के लिए भेजा जाता था, जहां वे 12 घंटे तक काम करते थे। सभी 11 मजदूरों का इलाज जारी है और उन्हें उनके घर सुरक्षित भेजने का इंतजाम भी किया जा रहा है।
रविवार को पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें कॉन्ट्रैक्टर संतोष जादव और क्रुष्णा शिंदे भी शामिल है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 370 (व्यक्तियों की तस्करी), धारा 367 (अपहरण), धारा 346 (गलत तरीके से बंधक बनाकर रखना) और धारा 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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मजदूरों ने ठेकेदारों द्वारा किए गए इस बर्बरता की आपबीती सुनाई। उन्होंने कहा कि उन्हें 12 घंटे रोजाना काम करने के लिए कहा गया था। इस दौरान उन्हें एक रुपये भी नहीं दिया जाता था। खाना भी उन्हें सिर्फ एक समय ही दिया जाता था, जिस कुंए में वो काम करते थे वहीं उन्हें नित्यक्रिया करने के लिए कहा गया था।
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एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में अबतक चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें दो कॉन्ट्रैक्टर भी शामिल है।
उस्मानाबाद के ढोकी पुलिस थाना क्षेत्र के खमसवाडी और वाखरवाडी गांव में दो-तीन महीने पहले ठेकेदारों ने कुंआ खोदने के लिए इन मजदूरों को काम पर लगाया गया था। इस दौरान सभी मजदूरों को बंधक बनाकर उन्हें रोजाना प्रताड़ित भी किया जाता था। उनमें से एक मजदूर किसी तरह भागने में सफल रहा। हिंगोली जिले में पहुंच कर उसने स्थानीय पुलिस स्टेशन में जाकर ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायत के बाद हिंगोली पुलिस ने उस्मानाबाद के ढोकी पुलिस से संपर्क किया। सहायक पुलिस निरीक्षक जगदीश राउत ने बताया- 'जब पुलिस टीम वाखरवाडी गांव पहुंची तो देखा कि पांच मजदूर कुंए में काम कर रहे थे। सवाल करने पर पुलिस को पता चला कि मजदूरों को 12 घंटे काम करने के लिए रखा गया था। रात में उन्हें जंजीरों से बांधकर रखा जाता था जिससे कि वो भाग न सके।'
उन्होंने बताया कि पांचों मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मजदूरों को रोजाना सुबह के सात बजे से कुंए में काम करने के लिए भेजा जाता था, जहां वे 12 घंटे तक काम करते थे। सभी 11 मजदूरों का इलाज जारी है और उन्हें उनके घर सुरक्षित भेजने का इंतजाम भी किया जा रहा है।
रविवार को पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें कॉन्ट्रैक्टर संतोष जादव और क्रुष्णा शिंदे भी शामिल है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 370 (व्यक्तियों की तस्करी), धारा 367 (अपहरण), धारा 346 (गलत तरीके से बंधक बनाकर रखना) और धारा 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।