हरियाणाः नपुंसक बनाने की अफवाह, इंजेक्शन के डर से स्कूल नहीं आ रहे बच्चे
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कुछ जगह अध्यापकों के समझाने के बाद अभिभावक समझ गए लेकिन अधिकांश जगहों पर अभिभावक नहीं समझ रहे हैं। बता दें कि व्हाट्स ऐप पर कुछ लोगों द्वारा गलत संदेश भेजने एवं इसका प्रचार तेजी से होने के बाद से ही सरकारी स्कूलों में अफरातफरी मची हुई थी। अभिभावक अपने बच्चों को स्कूलों से घर ले आए। सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा।
शनिवार को अधिकांश स्कूलों में बच्चों की संख्या न के बराबर रही। एक स्कूल में 110 बच्चों में से केवल 20 ही बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आए, जबकि बघौला मिडिल स्कूल में बच्चों की उपस्थिति 40 से 50 प्रतिशत प्रभावित हुई।
ये बच्चे भी तब आए हैं जबकि स्कूल के अध्यापक सईद-उर रहमान ने मस्जिद में ऐलान करवाने के साथ-साथ गांव में घर-घर जाकर बच्चों को लाने में मेहनत की है। इसी गांव के प्राइमरी स्कूल में 250 में से केवल 20 बच्चे ही उपस्थित थे।
स्कूल से भाग आया नहीं तो इंजेक्शन लग जाता
इस अफवाह का बच्चों पर इस कदर असर है कि छोटे-छोटे बच्चों को भी डर सता रहा है। सर्वोदय मिडिल स्कूल में चौथी कक्षा में शिक्षा ग्रहण करने वाले अरमान ने कहा, 'अंकल स्कूल से भाग आया वरना मेरे भी इंजेक्शन लग जाता।'
अरमान इंजेक्शन लगने के डर की वजह से ही शनिवार को वह स्कूल नहीं गया है। इन बच्चों को यह नहीं पता कि यह महज एक अफवाह है, लेकिन इस अफवाह ने छोटे-छोटे बच्चों के दिल और दिमाग पर भी इंजेक्शन एवं गोली का डर बना हुआ है।
अफवाह को लेकर स्कूलों में अफरातफरी का माहौल
तावड़ू। बच्चों को नपुंसक बनाने के इंजेक्शन लगाने की अफवाह के चलते शनिवार को खंड के अधिकतर स्कूलों में अफरातफरी का माहौल बना रहा। इस अफवाह के चलते गांव सिलखो व चिलावली के अभिभावक जहां बच्चों को स्कूल से जबरन ले गए वहीं अन्य स्कूलों में अभिभावक अपने बच्चों को लेने पहुंच गए। शिक्षकों ने अभिभावकों को समझाने का प्रयास किया। मगर अभिभावकों ने उनकी एक नहीं सुनी। इस अफवाह से शिक्षक परेशान हैं।
गांव चिलावली व सिलखो स्कूल के मुख्याध्यापक राजेन्द्र व सूबेसिंह ने बताया की सरकारी स्कूलों में बच्चों को नपुंसक बनाने के लिए इंजेक्शन लगाने की अफवाह चल रही है। इस अफवाह के चलते पिछले दो दिनों से बच्चों की उपस्थिति काफी कम हो गई है। अभिभावक समझाने के बावजूद जबरन अपने बच्चों को स्कूल से ले जा रहे हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी अनूप सिंह जाखड़ ने माना की अफवाह के चलते चिलावली व सिलखो के अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने में संकोच कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से इस तरह की अफवाह पर ध्यान न देकर बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की है।
ग्रामीणों के दिल से नहीं उतर रहा अफवाह का असर
पुन्हाना। ग्रामीणों के दिल से इंजेक्शन लगाये जाने वाली अफवाह का असर नहीं उतर रहा है। इस अफवाह के चलते शनिवार को पुन्हाना खंड में 15 हजार कि आबादी वाले गांव बीसरू के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों से अभिभावक अपने बच्चों को जबरदस्ती ले गये। अध्यापकों ने अभिभावकों को काफी समझाने कि कोशिश की, लेकिन अभिभावकों ने उनकी एक नहीं सुनी।
जानकारी के अनुसार गांव बीसरू में स्थित सरकारी और निजी करीब 7 स्कूलों में में बच्चे पढ़ने के लिये आते हैं। आइडिया पब्लिक स्कूल बीसरू के हेडमास्टर इकबाल ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे कुछ महिलाएं उनके स्कूल मे आई और अपने बच्चों को ले जाने लगीं।
उन्होंने उनको रोकने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी और जबरदस्ती अपने बच्चों को स्कूल से ले गये। राजकीय कन्या हाई स्कूल बीसरू में एसएस अध्यापक कुतबुद्दीन ने बताया कि उनके स्कूल में करीब आठ सौ लड़कियां पढ़ती हैं। उनके स्कूल में दो दर्जन महिलाएं करीब 9.30 आई और आते ही वो अपने बच्चों को ले जाने लगी।
पुन्हाना के खंड शिक्षा अधिकारी का कहना है कि ये अफवाह है। पुन्हाना खंड के किसी भी गांव में कोई टीकाकरण नहीं चल रहा है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि
कोई भी आदमी इन अफवाहों पर ध्यान ना दे।