Indus Waters Treaty: भारत ने पाकिस्तानी जल मंत्री को लिखा पत्र, 1960 की जल संधि पर तत्काल रोक की दी सूचना
भारत ने पाकिस्तानी जल संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखा है। जल शक्ति मंत्री के सचिव ने पाकिस्तान को सूचित किया है कि भारत 1960 की जल संधि पर तत्काल रोक लगा रहा है। बता दें कि पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान पर सख्ती दिखाते हुए पांच बड़े फैसले लिए हैं। इसमें में सिंधु जल संधि को स्थगित करने का फैसला भी शामिल है।
विस्तार
सीमा पार से आतंकवाद लगातार जारी, इसलिए हम रोक रहे हैं सिंधु जल संधि
पहलगाम हमले की जवाबी कार्रवाई के तहत भारत ने पाकिस्तान को सिंधु जल समझौता स्थगित करने का औपचारिक पत्र भेज दिया है। पत्र में सख्त भाषा में कहा गया है, सच्ची भावना से किसी संधि का सम्मान करने का उत्तरदायित्व ही उस संधि की बुनियाद होती है। मगर पाकिस्तान लगातार भारत के संघ शासित क्षेत्र जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से आतंकवाद को जारी रखे हुए है। पाकिस्तान की इन कार्रवाइयों ने सुरक्षा अनिश्चितताएं पैदा की हैं।
संधि का उल्लंघन कर रहा है पाकिस्तान
भारत के जल शक्ति मंत्रालय की सचिव देवश्री मुखर्जी ने पाकिस्तान के जल संसाधन सचिव सैयद अली मुर्तजा को बृहस्पतिवार को यह पत्र भेजा है। मुखर्जी ने कहा, संधि की शर्तों के उल्लंघन के अलावा पाकिस्तान ने संधि के तहत परिकल्पित वार्ता में शामिल होने के भारत के अनुरोध पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया है और इस प्रकार वह संधि का उल्लंघन कर रहा है। ऐसे में भारत सरकार ने निर्णय किया है कि सिंधु जल संधि, 1960 को तत्काल प्रभाव से स्थगित रखा जाएगा।
ये भी पढ़ें- Trump on Pahalgam Attack: PM मोदी-अमेरिकी राष्ट्रपति ने फोन पर की बात, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ का वादाDebashree Mukherjee, Secretary, Ministry of Jal Shakti writes to Secretary, Pakistan Ministry of Water Resources.
— ANI (@ANI) April 24, 2025
Letter reads, " The Govt of India has hereby decided that the Indus Waters Treaty 1960 will be held in abeyance with immediate effect" pic.twitter.com/t8GLAsBDgd
क्या है सिंधु जल समझौता...
सिंधु जल समझौता, 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हस्ताक्षरित एक जल-बंटवारा समझौता है। इसमें विश्व बैंक ने मध्यस्थता की थी। इस समझौते का उद्देश्य सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के पानी के उपयोग को लेकर दोनों देशों के बीच विवादों को रोकना था। इस संधि के तहत, हिमालय के सिंधु नदी बेसिन की छह नदियों को दो भागों में बांटा गया है। पूर्वी नदियों ब्यास, रावी और सतलुज का पानी भारत को मिलता है जबकि पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब का कंट्रोल पाकिस्तान के पास आया।
भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित करने का जो फैसला किया है वह पाकिस्तान की आर्थिक कमर तोड़ सकता है। दरअसल समझौता स्थगित होने का यह अर्थ नहीं है कि पाकिस्तान को तत्काल सिंधु नदी का पानी नहीं मिलेगा बल्कि इसके तहत भारत पर से अब यह बाध्यता खत्म हो जाएगी कि वह पाकिस्तान को सिंधु के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करे। भारत भविष्य में सिंधु नदी पर बांध बनाकर पानी रोकने के लिए स्वतंत्र होगा। ऐसा हुआ तो पाकिस्तान के लिए सही मायनों में संकट पैदा होगा।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कृषि पर निर्भर है। इसमें भी वह सिंधु नदी बेसिन के पानी पर बहुत अधिक निर्भर है। भारत और पाकिस्तान के बीच जल समझौते के तहत पाकिस्तान को सिंधु नदी और उसकी पश्चिमी सहायक नदियों (झेलम और चिनाब) का पानी आवंटित किया गया है। भारत यदि इन नदियों के प्रवाह को मोड़ देता है तो पाकिस्तान का बड़ा हिस्सा सूखे की चपेट में आ जाएगा। सिंचाई में कमी से गेहूं, चावल, गन्ना और कपास जैसी प्रमुख फसलों की पैदावार पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। यह पाकिस्तान की खाद्य सुरक्षा और निर्यात के लिए महत्वपूर्ण हैं।
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विटरलैंड’ नाम से मशहूर पर्यटन स्थल पर मंगलवार दोपहर हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर पर्यटक हैं। यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला है। एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय निवासी हैं। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले को 'हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा' हमला बताया। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की यात्रा पर हैं। इसी समय जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और ट्रैकिंग का मौसम जोर पकड़ रहा है।
2019 की फरवरी में जम्मू-कश्मीर के ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला पहलगाम में हुआ है। पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन चीड़ के पेड़ों के घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश व दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है।
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आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
पहलगाम हमले के संबंध में अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, खच्चर की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
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