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इंदिरा, लोहिया आवास बनाने में 24 करोड़ का घपला

Fri, 05 Aug 2016 04:08 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद,
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद, Updated Fri, 05 Aug 2016 04:08 AM IST
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Indira , Lohia housing patchwork of 24 million
infrastructure
इंदिरा और लोहिया आवास निर्माण में 24 करोड़ का घपला हुआ है। रकम पूरी खर्च कर दी गई, लेकिन आवास कहां बनाए गए, पता नहीं। आवासों की न तो सूची मिल रही है और न ही फोटो।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने जांच शुरू करा दी है। जांच रिपोर्ट आने पर दोषी अफसरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। साथ ही जिन्होंने रकम लेकर आवास नहीं बनवाए, उनसे वसूली भी होगी।
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इंदिरा और लोहिया आवास निर्माण के लिए शासन से करोड़ों रुपये जारी किए थे। 1714 इंदिरा आवास के लिए तकरीबन 12 करोड़ रुपये और इतनी ही रकम लोहिया आवासों के निर्माण के लिए मिली।
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निर्माण के नाम पर पूरी रकम खर्च कर दी गई, लेकिन आवासों की सूची और फोटो दोनों गायब हैं। माह भर पहले सीडीओ आंद्रा वामसी ने संबंधित अफसरों से आवासों की सूची एवं फोटो मांगी, लेकिन अब तक उन्हें दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए।

 

लाभार्थियों ने पैसा लेने के बाद आवास बनवाए या नहीं

Indira , Lohia housing patchwork of 24 million
infra
आवास बने या नहीं, लाभार्थियों ने पैसा लेने के बाद आवास बनवाए या नहीं। इसमें अफसर और कर्मचारी कितने दोषी हैं। ऐसे तमाम बिंदुओं पर डीएम संजय कुमार के निर्देश पर जांच हो रही है।

अफसरों को अब 24 करोड़ के घपले की जांच रिपोर्ट आने का इंतजार है। इसमें दोषी अफसरों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है। साथ ही उन लाभार्थियों से वसूली की भी तैयारी है, जिन्होंने पैसा ले लिया लेकिन आवास का निर्माण नहीं कराया।

सैदाबाद ब्लॉक के ज्वालापुर चकिया गांव के लोगों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया है कि प्रधान ने पक्के मकान वालों को भी इंदिरा आवास आवंटित करा दिए और पात्र लोगों का नाम सूची से कटवा दिया।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर उन अपात्र लाभार्थियों की सूची उपलब्ध कराई है, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानी के चुनाव से पहले इंदिरा आवास के लिए बजट आया था।

उस वक्त पात्रों के नाम लिए गए थे, लेकिन ग्राम प्रधान ने रजिस्टर के बजाय सादे कागज पर नाम दर्ज किए और अब उनकी जगह अपात्रों को आवास आवंटित कर दिए। ग्रामीणों ने मामले की जांच कराकर इंदिरा आवास की दूसरी किस्त जारी किए जाने पर रोक लगाने की मांग की है।

ज्ञापन देने वालों में दिलीप कुमार सोनी, राम अवध पाल, विकास चंद्र, राम निहोर, अखिलेश कुमार आदि शामिल रहे।
 
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