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महिलाओं के लिए सुरक्षित कही जाने वाली मुंबई दुनिया के 16 सबसे असुरक्षित शहरों में शुमार
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Tue, 31 Oct 2017 09:29 AM IST
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देश में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित कही जानेवाली मुंबई दुनिया के 16 सबसे असुरक्षित शहरों में शुमार है। यह हम नहीं कह रहे हैं देश के सबसे अमीर कहे जाने वाले और वित्तीय राजधानी के रूप में मशहूर मुंबई वहां रहने वालों के लिए सबसे असुरक्षित शहर है।
इकोनोमिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट की सेफ सीटीज इंडेक्स 2017 में दुनिया के 60 शहरों की लिस्ट जारी की है जिसमें मुंबई का स्थान 45 वां है। मुंबई को असुरक्षित कहे जाने की वजह डिजिटल, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्सनल सिक्योरिटी को ध्यान में रखकर रखा गया है।
पढ़ें: आरक्षण पर कांग्रेस-पाटीदार में नहीं बनी बात, हार्दिक ने 7 नवंबर तक का दिया अल्टीमेटम
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यह कहा जा सकता है कि 2015 से अबतक मुंबई में कुछ भी नहीं बदला है। 2015 में 50 शहरों पर शोध किया गया था जिसमें मुंबई 45 वें नंबर पर था। वह आज भी वहीं टिका हुआ है। जबकि देश की राजधानी सुरक्षा के मामले में 43 वें नंबर पर है।
जबकि सबसे सुरक्षित शहरों में टोक्यो, सिंगापुर और ओसाका अव्वल हैं। वहीं पाकिस्तान का करांची, म्यांनमार की यांगों और बांग्लादेश का ढाका दुनिया में रहने के हिसाब से सबसे असुरक्षित शहर है।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो सुरक्षा की दृष्टि से मुंबई में 2015 से अभी तक कुछ भी नहीं बदला है। पिछले कुछ वर्षों से आतंक को झेल रहे यूरोप की स्थिति आज भी बेहतर मानी गई है।
मुंबई में आतंकी हमले के बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई कदम उठाए गए हैं फिरभी पुलिस लोगों को सुरक्षा देने में नाकामयाब रही है। सुरक्षा मानकों में फिसड्डी साबित होने पर महाराष्ट्र पुलिस के पुलिस कमिश्ननर डी सिवानंदन कहते हैं कि यूरोप, टोक्यो, इजरायल, सिंगापुर में लोगों को 18 साल का होते ही आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाती है इस मामले में भारत बहुत पीछे है।
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इकोनोमिस्ट इंटेलीजेंस यूनिट की सेफ सीटीज इंडेक्स 2017 में दुनिया के 60 शहरों की लिस्ट जारी की है जिसमें मुंबई का स्थान 45 वां है। मुंबई को असुरक्षित कहे जाने की वजह डिजिटल, हेल्थ, इंफ्रास्ट्रक्चर और पर्सनल सिक्योरिटी को ध्यान में रखकर रखा गया है।
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यह कहा जा सकता है कि 2015 से अबतक मुंबई में कुछ भी नहीं बदला है। 2015 में 50 शहरों पर शोध किया गया था जिसमें मुंबई 45 वें नंबर पर था। वह आज भी वहीं टिका हुआ है। जबकि देश की राजधानी सुरक्षा के मामले में 43 वें नंबर पर है।
जबकि सबसे सुरक्षित शहरों में टोक्यो, सिंगापुर और ओसाका अव्वल हैं। वहीं पाकिस्तान का करांची, म्यांनमार की यांगों और बांग्लादेश का ढाका दुनिया में रहने के हिसाब से सबसे असुरक्षित शहर है।
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो सुरक्षा की दृष्टि से मुंबई में 2015 से अभी तक कुछ भी नहीं बदला है। पिछले कुछ वर्षों से आतंक को झेल रहे यूरोप की स्थिति आज भी बेहतर मानी गई है।
मुंबई में आतंकी हमले के बाद पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई कदम उठाए गए हैं फिरभी पुलिस लोगों को सुरक्षा देने में नाकामयाब रही है। सुरक्षा मानकों में फिसड्डी साबित होने पर महाराष्ट्र पुलिस के पुलिस कमिश्ननर डी सिवानंदन कहते हैं कि यूरोप, टोक्यो, इजरायल, सिंगापुर में लोगों को 18 साल का होते ही आत्मरक्षा की ट्रेनिंग दी जाती है इस मामले में भारत बहुत पीछे है।