फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian youth opinion on surgical strike 2 on Pakistan

दूसरी सर्जिकल स्ट्राइक पर भारतीय युवाओं ने कहा-'भारत बुद्ध की भाषा भी जानता है और युद्ध की भी'

Tue, 26 Feb 2019 07:39 PM IST
संदीप भट्ट न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संदीप भट्ट Updated Tue, 26 Feb 2019 07:39 PM IST
विज्ञापन
Indian youth opinion on surgical strike 2 on Pakistan
'अमर अजाला' ने पाक अधिकृत कश्मीर में भारतीय वायुसेना की तरफ से आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने और पाकिस्तान के रुख को लेकर युवाओं की राय जानी है।

भारत के सर्जिकल स्ट्राइक 2 से जहां पाकिस्तान तिलमिला उठा है, वहीं भारतीय युवाओं में उत्साह का माहौल है। देशभर में खुशी मन रही है और समवेत स्वर में एक ही बात कही जा रही है- यह पुलवामा हमले में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

विज्ञापन


'अमर अजाला' ने पाक अधिकृत कश्मीर में भारतीय वायुसेना की तरफ से आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करने और पाकिस्तान के रुख को लेकर युवाओं की राय जानी है। युवाओं का साफ कहना है कि पाकिस्तान की जमीन सालों से आतंकवाद को पालते-पोसते आई है और अब वक्त आ गया है कि उसे खुद ही अपने आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर देना चाहिए, क्योंकि न तो अब पाक का कोई झूठ काम आने वाला है और न ही उसकी चाल। 
विज्ञापन


'भारत बुद्ध की भाषा भी जानता है और युद्ध की भी'
युवा कवि राधाकांत पांडेय कहते हैं-
इक्का-दुक्का रहने दो अब जो भी हो वो सारा हो।
सबसे प्यारा सबसे अच्छा हिंदुस्तान हमारा हो।
भारत का ऐसा प्रतिउत्तर देना भी आवश्यक था,
ताकि पुलवामा जैसी फिर घटना न दोबारा हो


राधाकांत कहते हैं - ''हमारी मातृभूमि वीर प्रसूता है, जिसके बेटों का शौर्य समूची दुनिया देखती आई है। बेटे तो छोड़िए, बेटियों तक की किवंदतियां दुनिया के लिए प्रेरणा का पात्र हैं। भारत पहले बुद्ध की भाषा जानता है और युद्ध की भाषा भी जानता है। जिसको जो समझ में आता है, हम उस भाषा में बात करना जानते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय वायुसेना का यह जवाब सैनिकों के शौर्य की एक छोटी- सी झलक है। अब भी अगर नहीं सुधरे तो कल को यह संभावना है कि दुनिया के नक्शे से आतंक को पालने-पोसने वाले देश का नामोनिशान भी मिट सकता है, इसलिए पड़ोसी को एक अच्छे पड़ोसी की तरह व्यवहार करना चाहिए और आतंकवाद पर लगाम लगानी चाहिए।''

वरिष्ठ कवि गजेंद्र सोलंकी अपनी बात को अपनी एक कविता के जरिए कहते हैं-
हर दिल में जल एक आग रही
बलिदान का बदला मांग रही
आदमखोरों को खोज-खोज
चुन-चुनकर मारो रोज-रोज
जब तलक नहीं आतंक मिटे
धरती से नहीं कलंक हटे
तुम और कसो इन फंदों को
करना ना माफ दरिदों को..
कल को कोई कह सके नहीं
आतंक से मानवता हारी
जारी रहे शौर्य की बमबारी....


कवि गजेंद्र सोलंकी का कहना है कि शांति और अहिंसा के साथ ही शक्ति का सिद्धांत भी काम करता है।भारत की सोच मानवतावादी है इसी वजह से पाकिस्तान को लग रहा था कि भारत कोई जवाब नहीं देगा। ऐसे में यह समय की मांंग थी और शक्ति दिखाना जरूरी था। इसके लिए सेना और देश के प्रधानमंत्री बधाई के पात्र हैं।

पाकिस्तान को तो भारत के इस कदम से खुश होना चाहिए क्योंकि वह बार-बार कहता है कि हमें आतंक को मिटाने का मौका दें। सोलंकी का कहना है कि यह ऐसा वक्त है जब हर विचार, पंथ, संप्रदाय और राजनीति पार्टी के लोगों को सेना के साथ खड़ा होना चाहिए। कोई भी ऐसा संदेश नहीं जाना चाहिए कि हम अलग हैं।


'आतंकवाद का समूल नाश ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि है'
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्य दीक्षांत सूर्यवंशी का कहना है कि यह समय का मांग थी और भारत सरकार ने सही निर्णय लिया है। हमारे शहीद सैनिकों का बदला लेने के लिए और ज्यादा आतंकी शिविरों को ध्वस्त करना चाहिए। मैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से निवेदन करता हूं कि हमारे वीर सैनिकों के शहीदों होने का और कड़ा जवाब अभी पाकिस्तान से मांगा जाए। यह हमारे शहीदों को छोटी-सी श्रद्धांजलि है। पूरी श्रद्धांजलि उस दिन होगी जब दुनिया से आतंक का नामो-निशान मिटेगा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed