फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian women fertility rate decreases in higher age revealed National Family Health Survey

NFHS: भारतीय महिलाओं में बड़ी उम्र में मां बनने की क्षमता घटी, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य के सर्वे में खुलासा

Fri, 07 Jul 2023 06:11 AM IST
गुलाम अहमद एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली Published by: गुलाम अहमद Updated Fri, 07 Jul 2023 06:11 AM IST
सार

साइंस जर्नल नेचर में प्रकाशित अध्ययन पता चलता है कि 1992-93 में सर्वेक्षण में शामिल केवल 35 फीसदी महिलाएं 30 की उम्र तक मां बनीं। जबकि, साल 2019-21 तक यह अनुपात घटकर 64 फीसदी हो गया था।

विज्ञापन
Indian women fertility rate decreases in higher age revealed National Family Health Survey
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

विस्तार

पिछले तीन दशकों में भारतीय महिलाओं में बड़ी उम्र में मां बनने की क्षमता घटी है। जहां पहले 40-45 तक की उम्र में मां बनना संभव होता था, अब ये आंकड़ा केवल 30-35 तक की उम्र तक ही सीमित रह गया है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के 1992-93 किए गए सर्वेक्षण के आंकड़ों की 2019-21 के आंकड़ों के साथ तुलना के आधार पर 40-49 साल की उम्र में 11 फीसदी से कम महिलाएं 40 वर्ष की अधिक आयु में मां बनीं थीं। जबकि, 30 वर्ष पहले यह अनुपात 23 फीसदी से अधिक था। इसी अवधि में जन्म के समय औसत आयु 33 वर्ष से पांच वर्ष घटकर 28 वर्ष हो गई है।

विज्ञापन


एनएफएचएस के इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन स्टडीज (आईआईपीएस) के शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया। साइंस जर्नल नेचर में प्रकाशित अध्ययन पता चलता है कि 1992-93 में सर्वेक्षण में शामिल केवल 35 फीसदी महिलाएं 30 की उम्र तक मां बनीं। जबकि, साल 2019-21 तक यह अनुपात घटकर 64 फीसदी हो गया था।
विज्ञापन


आंध्र प्रदेश में सबसे कम रही प्रजनन दर की औसत आयु
एनएफएचएस-आईआईआई (2004-05) के दौरान महिलाओं की प्रजनन दर की औसत आयु तमिलनाडु में 26 वर्ष से मेघालय में 33 वर्ष थी। अगले दो सर्वेक्षणों के आधार पर आंध्र प्रदेश में सबसे कम (लगभग 25) और मेघालय (30 से अधिक) में अधिक औसत आयु देखी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फर्टिलिटी उपचार में देरी भी एक कारण  
अध्ययन के लेखकों में से एक चंद्रशेखर ने कहा कि इसके पीछे दो कारण हो सकते हैं। पहला यह कि पूर्व कि तुलना में महिलाएं अधिक उम्र में पहली बार मां बनती थीं। इसके कारण उनके दूसरी बार मां बनने के समय उनकी उम्र अधिक होती है। दूसरा यह हो सकता है कि महिलाओं में फर्टिलिटी उपचार के शुरू और पूरा होने के बीच बच्चे के जन्म में देरी का कारण रही हो।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed