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ISRO: सिंगापुर के दो सैटेलाइट टेलीओएस-2 और ल्यूमलाइट-4 को इसरो ने किया लॉन्च, जानिए क्या-कुछ है खास

Sat, 22 Apr 2023 05:38 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापट्टनम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विशाखापट्टनम Published by: काव्या मिश्रा Updated Sat, 22 Apr 2023 05:38 PM IST
सार

सिंगापुर के इन्फोकॉम रिसर्च इंस्टीट्यट और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के सैटेलाइट टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर की साझेदारी में बनाया गया है। इसका उद्देश्य सिंगापुर की ई-नेविगेशन समुद्री सुरक्षा को बढ़ाना है।

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Indian Space Research Organisation launches its PSLV-C55 with two Singaporean satellites for Earth observation
इसरो ने सिंगापुर की दो सैटेलाइट टेलीओएस-2 और ल्यूमलाइट-4 की लॉन्च - फोटो : एएनआई

विस्तार

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार दोपहर को PSLV-C55 रॉकेट से सिंगापुर के दो सैटेलाइट टेलीओएस -2 और ल्यूमलाइट-4 सफलतापूर्वक लॉन्च किए। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इन सैटेलाइटों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित किया गया। इन दोनों सैटेलाइट के साथ POEM भी उड़ान भरेगा। POEM अंतरिक्ष के वैक्यूम (निर्वात) में कुछ टेस्टिंग करेगा। यह PSLV की 57वीं उड़ान थी। 

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बता दें, इस मिशन को टेलीओएस -2 मिशन नाम दिया गया है। इस लॉन्चिंग के साथ ही ऑर्बिट में भेजे गए विदेशी सैटेलाइट की कुल संख्या 424 हो गई है। 

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क्या है POEM 

POEM का पूरा नाम पीएसएलवी ऑरबिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल है। पीएसएलवी चार स्टेज वाला रॉकेट है। इसके तीन स्टेज तो समुद्र में गिर जाते हैं। आखिरी यानी चौथी स्टेज जिसे PS4 भी कहते हैं, सैटेलाइट को अपनी कक्षा में पहुंचाने के बाद अंतरिक्ष का कचरा भर रह जाता है। अब इसी के ऊपर प्रयोग करने के लिए POEM का इस्तेमाल किया जाएगा। ऐसा चौथी बार किया जा रहा है।

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क्या है ल्यूमलाइट-4
इसे सिंगापुर के इन्फोकॉम रिसर्च इंस्टीट्यट और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के सैटेलाइट टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर की साझेदारी में बनाया गया है। इसका उद्देश्य सिंगापुर की ई-नेविगेशन समुद्री सुरक्षा को बढ़ाना और ग्लोबल शिपिंग कम्युनिटी को फायदा पहुंचाना है। यह 16 किलो का है।

क्या है टेलीओएस-2
यह एक टेली कम्युनिकेशन सैटेलाइट है। सिंगापुर सरकार ने इसे वहां के इंजीनियरिंग छात्रों की मदद से तैयार किया है। यह 741 किलो वजनी है। बता दें, यह आपदा प्रबंधन से जुड़ी सूचना देगा।

 

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