{"_id":"6a268ef879869c0f6a057d12","slug":"indian-railways-wait-for-120-vande-bharat-sleeper-trains-extended-first-prototype-may-be-in-dec-2026-know-2026-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Railways: 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंतजार बढ़ा, पहला प्रोटोटाइप अब दिसंबर 2026 में; जानिए वजह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Railways: 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों का इंतजार बढ़ा, पहला प्रोटोटाइप अब दिसंबर 2026 में; जानिए वजह
Mon, 08 Jun 2026 03:14 PM IST
Jyoti Bhaskar
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Jyoti Bhaskar
Updated Mon, 08 Jun 2026 03:14 PM IST
सार
आरवीएनएल के नेतृत्व वाले इस संयुक्त उद्यम को 16-16 कोच वाली 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण का जिम्मा दिया गया है। इसके तहत कुल 1,920 कोच तैयार किए जाएंगे।
विज्ञापन
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन
- फोटो : आईएनएस
विस्तार
देश की बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के लिए यात्रियों को अब थोड़ा और इंतजार करना होगा। रेल विकास निगम लिमिटेड ने पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के प्रोटोटाइप की लॉन्चिंग समय सीमा बढ़ा दी है। अब इसका पहला प्रोटोटाइप जून 2026 के बजाय दिसंबर 2026 तक तैयार किया जाएगा। यानी परियोजना के रोलआउट में करीब छह महीने की देरी हुई है।
विज्ञापन
आरवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने कंपनी की चौथी तिमाही के नतीजों पर चर्चा के दौरान बताया कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के पहले प्रोटोटाइप का रोल आउट अब दिसंबर 2026 तक किया जाएगा। उन्होंने इसे कंपनी की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक बताया।
विज्ञापन
वंदे भारत स्लीपर परियोजना को आरवीएनएल और रूस की कंपनी टीएमएच के संयुक्त उद्यम काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस के जरिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना की कुल लागत करीब 14,400 करोड़ रुपये है। इसमें ट्रेनों के 35 साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी शामिल है।
विज्ञापन
फरवरी में आरवीएनएल ने उम्मीद जताई थी कि वंदे भारत स्लीपर का पहला प्रोटोटाइप जून 2026 तक भारतीय रेलवे को सौंप दिया जाएगा। इसे परियोजना का पहला बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा था। हालांकि, अब कंपनी ने इसकी समयसीमा बढ़ाकर दिसंबर 2026 कर दी है।
आरवीएनएल के नेतृत्व वाले इस संयुक्त उद्यम को 16-16 कोच वाली 120 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण का जिम्मा दिया गया है। इसके तहत कुल 1,920 कोच तैयार किए जाएंगे। रेल मंत्रालय ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के निर्माण के लिए तीन कंपनियों/समूहों को ठेका दिया है। इनमें बीईएमएल, काइनेट रेलवे सॉल्यूशंस और टीटागढ़ रेल सिस्टम-भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के संयुक्त समूह को ठेका दिया है।
दरअसल, वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों और उनके ट्रेन सेट का निर्माण भारतीय रेलवे अलग-अलग सरकारी और निजी कंपनियों के साथ मिलकर 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत करा रहा है। वर्तमान में जो पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चल रही है, उसे बीईएमएल और आईसीएफ चेन्नई ने मिलकर तैयार किया है। रेलवे ने सैकड़ों वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेट बनाने का ऑर्डर दिया है, जो अलग-अलग कंपनियों को मिला है।