अब गरीब रथ का सफर भी होगा आरामदायक: इन नए कोचों के जरिए भारतीय रेलवे बढ़ाएगा अपनी आमदनी
सामान्य एसी थर्ड क्लास कोच में 72 बर्थ होती हैं, जबकि इसमें 11 अधिक यानी 83 बर्थ होंगी। इसके लिए रेलवे ने बर्थ के बीच का गैप थोड़ा कम कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार गैप कम होने से यात्रियों को असुविधा नहीं होगी। इसके अलावा साइड की बर्थ की लंबाई पहले जैसी ही रखी गई है...
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भारतीय रेलवे अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए लगातार नए तरीके अपना रहा है। इसी के तहत रेलवे अब गरीब रथ के कोचों में सुविधाएं बढ़ाने जा रहा है। जल्द ही गरीब रथ के कोच भी सामान्य एसी कोच की तरह हो जाएंगे। इन्हें नए थर्ड एसी इकोनॉमी कोच से बदला जाएगा। राजद नेता लालू प्रसाद यादव ने यूपीए सरकार के कार्यालय में रेल मंत्री रहते हुए गरीब रथ ट्रेन सेवा की शुरुआत की थी। इसमें साइड में दो की बजाय तीन तीन बर्थ लगाई गई थीं। इसका उद्देश्य निम्न आय वर्ग के लोगों को एसी क्लास में सफर कराना था। गरीब रथ का किराया एसी थर्ड क्लास से 15 फीसदी कम रखा गया था। इसके बदले साइड में अतिरिक्त बर्थ लगाई गई थीं।
मौजूदा समय देश में 26 गरीब रथ ट्रेनें चल रही हैं। लेकिन अब रेलवे गरीब रथ में भी सामान्य एसी ट्रेनों जैसी सुविधाओं देने की तैयारी कर रहा हैं। इकोनॉमी थर्ड क्लास एलएचबी कोच होते हैं जिसमें झटके कम लगते हैं, जिससे हादसों में जानमाल के कम नुकसान होने की आशंका होती है। इस वजह से गरीब रथ को इकोनॉमी थ्री क्लास से बदलने की तैयारी की जा रही है। जरूरत के अनुसार 12 से 16 कोच प्रत्येक गरीब रथ में लगाए जाएंगे। मौजूदा समय में करीब 150 इकोनामी एसी कोच तैयार हो चुके हैं। कई ट्रेनों में इन कोचों को लगाया भी जा चुका है। इकोनॉमी एसी कोच में बर्थ की संख्या अधिक है।
सामान्य एसी थर्ड क्लास कोच में 72 बर्थ होती हैं, जबकि इसमें 11 अधिक यानी 83 बर्थ होंगी। इसके लिए रेलवे ने बर्थ के बीच का गैप थोड़ा कम कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार गैप कम होने से यात्रियों को असुविधा नहीं होगी। इसके अलावा साइड की बर्थ की लंबाई पहले जैसी ही रखी गई है। इकोनॉमी एसी थ्री टियर कोच में रीडिंग के लिए व्यक्तिगत लाइट, एसी वेंट्स, यूएसबी प्वाइंट, हर बर्थ पर मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए बेहतर सीढ़ी और खास तरह की स्नैक टेबल होगी। इसके साथ ही टॉयलेट में फुट ऑपरेटिंग टैब लगाए जाएंगे।