Aluminum Air Battery: इंडियन ऑयल अभियान में सफल हुआ तो ऊर्जा सुरक्षा में कमाल की ऊंचाइयां छुएगा भारत
Aluminum Air Battery: इस्राइल की फिनर एनर्जी और इंडियन ऑयल के सहयोग से एल्यूमिनियम एयर बैटरी की तकनीक उन्नत बनाई जा रही है। इस बैटरी के उन्नत संस्करण के विकसित होने के बाद न केवल कारें और अन्य वाहन इससे चलाए जा सकते हैं, बल्कि स्कूल, अस्पताल, डाटा सेंटर, घर, दफ्तर, फैक्ट्रियों की ऊर्जा जरूरतों को बड़े पैमाने पर पूरा किया जा सकता है...
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क्लीन एनर्जी देश की जरूरत है। इस जरूरत को पूरा करने के लिए देश की अग्रणी ऑयल कंपनी इंडियन ऑयल बड़ी पहल को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। इंडियन ऑयल के एचआर निदेशक रंजन कुमार महापात्रा कहते हैं कि अगले एक दो साल में बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है। महापात्रा के अनुसार इंडियन ऑयल कारपोरेशन लिमिटेड इस्राइल की कंपनी फिनर एनर्जी के साथ साझा सहयोग में एल्यूमीनियम एयर बैटरी के रिसर्च की प्रक्रिया में है। इस बैटरी के विकसित होते ही ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में पूरी डायनामिक्स बदल जाने की उम्मीद है।
रंजन कुमार महापात्रा के मुताबिक देश में वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र कई स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। सौर ऊर्जा, विंड एनर्जी के क्षेत्र में तमाम प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन इससे भविष्य में आने वाली चुनौतियों का मुकाबला संभव नहीं है। यह हमारी आंशिक जरूरत ही पूरा कर सकती हैं। वैसे भी प्राकृतिक संसाधनों के सहारे केवल ऊर्जा की जरूरतें पूरी हो पाना संभव नहीं है। दूसरे जिस तरह से भारत पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है, हम लोग उससे आगे 10 ट्रिलियन डालर के बारे में सोच रहे हैं। ऐसे में आने वाले समय में वाहन, संसाधन, उपकरण आदि बढ़ने के कारण समय में ऊर्जा जरूरतें कई गुना बढ़ने वाली हैं। इसलिए असल की जरूरत पूरे परिदृश्य को बदलने वाले माध्यम की है।
लिथियम बैट्री से अच्छा रहेगा एल्यूमीनियम एयर बैटरी का प्रयोग
अमर उजाला से विशेष बातचीत में रंजन महापात्रा ने कहा कि लिथियम आधारित बैटरी पर तमाम इलेट्रिक वाहन आ रहे हैं। देश में चल भी रहे हैं। लेकिन लिथियम और इससे जुड़ी बैटरी के लिए तमाम सहयोगी उपकरणों को बड़े पैमाने पर आयात की जरूरत पड़ेगी। भारत जैसे देश में ऊर्जा सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए हमने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में तमाम प्रयास किया है, लेकिन इसे व्यवहारिक रूप में लाने में अभी काफी समय लग सकता है। ऐसे में एल्यूमीनिय एयर बैटरी एक अच्छा विकल्प हो सकती है। महापात्रा कहते हैं कि इस दिशा में इंडियन आयल तेजी से काम कर रहा है।
एल्यूमीनियम आधारित बैटरी बदलेगी एनर्जी डायनामिक्स
इस्राइल की फिनर एनर्जी और इंडियन ऑयल के सहयोग से एल्यूमिनियम एयर बैटरी की तकनीक उन्नत बनाई जा रही है। महापात्रा कहते हैं कि इस तकनीक के जरिए इस्राइल में कार चलाने की कोशिश हो रही है। हम इसके उन्नत संस्करण पर काम कर रहे हैं। इस बैटरी के उन्नत संस्करण के विकसित होने के बाद न केवल देश की कारें और अन्य वाहन इससे चलाए जा सकते हैं, बल्कि स्कूल, अस्पताल, डाटा सेंटर, घर, दफ्तर, फैक्ट्रियों की ऊर्जा जरूरतों को बड़े पैमाने पर पूरा किया जा सकता है। दिलचस्प है कि भारत के पास एल्यूमीनियम का भंडार है। यह तकनीक तुलना में काफी सस्ती और काफी कम जोखिम वाली साबित होने की संभावना है। इस बैट्री की रिसाइकिल प्रक्रिया काफी आसान है और एल्यूमीनियम की बैटरी लिथियम आधारित बैटरी की तुलना में तीन गुना से भी अधिक ऊर्जा देने में सक्षम होगी। इसमें कच्चे माल के आयात की स्थिति भी तुलना में काफी कम रहेगी।