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Nimisha Priya: यमन में भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की सजा टली; हत्या के मामले में दी जानी थी फांसी
Tue, 15 Jul 2025 01:51 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/सना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/सना
Published by: बशु जैन
Updated Tue, 15 Jul 2025 01:51 PM IST
सार
केरल की भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन में अपने बिजनेस पार्टनर की हत्या मामले में 16 जुलाई को फांसी की सजा दी जानी थी। भारत सरकार के प्रयास के बाद यमन के स्थानीय अधिकारियों ने निमिषा की सजा स्थगित कर दी है।
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निमिषा प्रिया की फांसी की सजा टली
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स / सोशल मीडिया
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विस्तार
केरल की रहने वाली भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को यमन में होने वाली फांसी की सजा टल गई है। निमिषा प्रिया को 16 जुलाई को अपने बिजनेस पार्टनर तलाल अब्दो महदी की हत्या के मामले में फांसी की सजा दी जानी थी। केरल के प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता कंथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार और भारत सरकार के हस्तक्षेप से हो रही बातचीत के बाद यमन के स्थानीय अधिकारियों ने निमिषा की सजा स्थगित कर दी है।
बताया जा रहा है कि भारत सरकार ने हाल के दिनों में निमिषा प्रिया के परिवार को दूसरे पक्ष के साथ आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए और समय देने के लिए लगातार प्रयास किए। भारतीय अधिकारी यमन के जेल अधिकारियों और अभियोजक कार्यालय के साथ नियमित संपर्क में रहे हैं।
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ये भी पढ़ें: Who Is Nimisha Priya: निमिषा को फांसी से बचाने की गुहार, वेणुगोपाल का PM को पत्र; जानें टाइमलाइन समेत सबकुछ
बता दें कि निमिषा प्रिया पर आरोप है कि उन्होंने साल 2017 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर तालाल अब्दो महदी की हत्या की थी। इस मामले में उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी और उनकी अंतिम अपील 2023 में खारिज हो गई। 16 जुलाई 2025 को उन्हें फांसी देने की तारीख तय की गई थी। फिलहाल निमिषा यमन की राजधानी सना की जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा था- यमन से चल रही बातचीत
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में भी निमिषा की फांसी को सजा रुकवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल (एजीआई) ने कहा कि भारत सरकार प्रिया की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बातचीत जारी रहने तक प्रिया के मामले को देख रहे सरकारी वकील सहित यमन के अधिकारियों के साथ फांसी के आदेश को निलंबित करने के लिए बातचीत चल रही है।
सुन्नी मुस्लिम नेता ने भी किए प्रयास
मामले में सरकार के साथ ही केरल के प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता कंथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार ने भी यमन में बातचीत की पहल की। मुसलियार के जरिये यमन के एक प्रमुख सूफी विद्वान शेख हबीब उमर बिन हफीज के प्रतिनिधि और मृतक तालाल अब्दो महदी के परिवार के बीच बातचीत हुई। इस बीच मुसलियार ने यमन सरकार से अनुरोध किया था कि जब तक ये बातचीत चल रही है, तब तक निमिषा प्रिया की फांसी को टाल दिया जाए।
ये भी पढ़ें: Kerala Nurse Death Sentence: यमन में कैसे फंसी नर्स निमिषा प्रिया, क्यों सुनाई गई मौत की सजा? जानें पूरी कहानी
ब्लड मनी पर चल रही बात
यमन में लागू शरिया कानून के तहत हत्या के मामलों में ब्लड मनी (मुआवजा) का विकल्प होता है। इसमें आरोपी के परिवार को मृतक के परिवार को वित्तीय मुआवजा देना होता है। अगर मृतक का परिवार यह मुआवजा स्वीकार कर लेता है, तो मौत की सजा को रोका जा सकता है। अब तक मृतक तालाल के परिवार से संपर्क करना असंभव माना जा रहा था। मगर अब यह बात बन गई है। क्योंकि मृतक के परिवार का एक करीबी सदस्य होदेइदाह राज्य न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश और यमनी शूरा काउंसिल का सदस्य है वह बातचीत में शामिल हो गया है।
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बताया जा रहा है कि भारत सरकार ने हाल के दिनों में निमिषा प्रिया के परिवार को दूसरे पक्ष के साथ आपसी सहमति से समाधान निकालने के लिए और समय देने के लिए लगातार प्रयास किए। भारतीय अधिकारी यमन के जेल अधिकारियों और अभियोजक कार्यालय के साथ नियमित संपर्क में रहे हैं।
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बता दें कि निमिषा प्रिया पर आरोप है कि उन्होंने साल 2017 में अपने यमनी बिजनेस पार्टनर तालाल अब्दो महदी की हत्या की थी। इस मामले में उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी और उनकी अंतिम अपील 2023 में खारिज हो गई। 16 जुलाई 2025 को उन्हें फांसी देने की तारीख तय की गई थी। फिलहाल निमिषा यमन की राजधानी सना की जेल में बंद हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने कहा था- यमन से चल रही बातचीत
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में भी निमिषा की फांसी को सजा रुकवाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई हुई थी। सुप्रीम कोर्ट में सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल (एजीआई) ने कहा कि भारत सरकार प्रिया की मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बातचीत जारी रहने तक प्रिया के मामले को देख रहे सरकारी वकील सहित यमन के अधिकारियों के साथ फांसी के आदेश को निलंबित करने के लिए बातचीत चल रही है।
सुन्नी मुस्लिम नेता ने भी किए प्रयास
मामले में सरकार के साथ ही केरल के प्रभावशाली सुन्नी मुस्लिम नेता कंथापुरम ए पी अबूबकर मुसलियार ने भी यमन में बातचीत की पहल की। मुसलियार के जरिये यमन के एक प्रमुख सूफी विद्वान शेख हबीब उमर बिन हफीज के प्रतिनिधि और मृतक तालाल अब्दो महदी के परिवार के बीच बातचीत हुई। इस बीच मुसलियार ने यमन सरकार से अनुरोध किया था कि जब तक ये बातचीत चल रही है, तब तक निमिषा प्रिया की फांसी को टाल दिया जाए।
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ब्लड मनी पर चल रही बात
यमन में लागू शरिया कानून के तहत हत्या के मामलों में ब्लड मनी (मुआवजा) का विकल्प होता है। इसमें आरोपी के परिवार को मृतक के परिवार को वित्तीय मुआवजा देना होता है। अगर मृतक का परिवार यह मुआवजा स्वीकार कर लेता है, तो मौत की सजा को रोका जा सकता है। अब तक मृतक तालाल के परिवार से संपर्क करना असंभव माना जा रहा था। मगर अब यह बात बन गई है। क्योंकि मृतक के परिवार का एक करीबी सदस्य होदेइदाह राज्य न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश और यमनी शूरा काउंसिल का सदस्य है वह बातचीत में शामिल हो गया है।