फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian Navy will reconstruct stitched ships of ancient times initiative to save Indian culture

Indian Navy: प्राचीन काल के सिले हुए जहाजों का पुननिर्माण करेगी नौसेना, भारतीय संस्कृति को सहेजने की पहल

Tue, 12 Sep 2023 01:24 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 12 Sep 2023 01:24 AM IST
सार

नौसेना अधिकारी की मानें तो जहाज तैयार होने के बाद उसे प्राचीन नेविगेशन तकनीकों के माध्यम से पारंपरिक समुद्री मार्गों पर एक अनोखी यात्रा शुरू करेगी। इसके लिए गोवा के होदी इनोवेशन में मंगलवार को उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जा रहा है।

विज्ञापन
Indian Navy will reconstruct stitched ships of ancient times initiative to save Indian culture
Indian Navy - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय नौसेना एक बार प्राचीन पारंपरिक नावों को तैयार करेगी। नौसेना अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सरकार और नौसेना प्राचीन सिले हुए जहाजों का पुननिर्माण करेगी। यह सिले हुए जहाज उस प्राचीन भारत की याद दिलाता है, जब भारत के ऐसे जहाज व्यापार के लिए महासागरों के रास्ते दूसरे देशों में जाया करते थे।

विज्ञापन

उद्घाटन समारोह में यह अतिथि होंगे शामिल
नौसेना अधिकारी की मानें तो जहाज तैयार होने के बाद उसे प्राचीन नेविगेशन तकनीकों के माध्यम से पारंपरिक समुद्री मार्गों पर एक अनोखी यात्रा शुरू करेगी। इसके लिए गोवा के होदी इनोवेशन में मंगलवार को उद्घाटन समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसमें केद्रीय संस्कृति मंत्री मीनाक्षी लेखी, नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार और पीएम के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल भी उपस्थित होंगे।

विज्ञापन

इन्हें मिली इस काम की जिम्मेदारी
संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि सिले हुए जहाजों का पुननिर्माण करना भारत सरकारी की एक महत्वपूर्ण पहल है। भारत सरकार और होदी इनोवेशन के साथ मिलकर नौसेना प्राचीन सिले जहाजों का पुननिर्माण के लिए सहयोग कर रही है। भारत की संस्कृतिक और सभ्यतागत विरासत में सिले हुए जहाज विरासत का प्रतीक हैं। मंत्रालय ने बताया कि नौसेना जहाज के डिजाइन और निर्माण का काम संभाल रहा है। इसके अलावा, प्राचीन समुद्री मार्ग पर ले जाने का काम भी नौसेनिकों के जिम्मे ही है। वहीं, संस्कृति मंत्रालय परियोजना को फंड कर रहा है तो वहीं जहाजरानी और विदेश मंत्रालय अंतरराष्ट्रीय यात्रा और निर्बाध सुनिश्चित करेंगे। बता दें, जहाज के निर्माण में सिलाई का काम जहाज निर्माताओं की एक कुशल टीम करेगी। इस टीम का नेतृत्व जहाज निर्माण विशेषज्ञ बाबू शंकरन करेंगे। निर्माण सदियों पुरानी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed