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INS विक्रमादित्य पोत पर एलसीए नेवी की सफल लैंडिंग, डीआरडीओ को मिली बड़ी सफलता
Sat, 11 Jan 2020 12:05 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sat, 11 Jan 2020 12:05 PM IST
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स्वदेशी विमान तेजस ने पहली बार आईएनएस पर की लैंडिंग
- फोटो : Deb Rana
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पहली बार नेवल लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट तेजस ने आज विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य पर लैंड हुआ। यह पहली बार है जब कोई स्वदेशी लड़ाकू विमान ने किसी विमानवाहक पोत पर लैंडिंग की। यह जानकारी भारतीय नौसेना के सूत्रों ने दी है।
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रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने इस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का निर्माण किया है जिसने अरेस्टर वायर की मदद से लैंडिंग की। एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी नौसेना के साथ मिलकर लड़ाकू विकसित कर रही है।
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The Defence Research and Development Organisation (DRDO)-developed Light Combat Aircraft landed with the help of an arrester wire. Aeronautical Development Agency is working with the Navy to develop the fighter. https://t.co/hntcJP7BwR
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) January 11, 2020
डीआरडीओ का कहना है कि शोर बेस्ड टेस्ट फैसिलिटी पर व्यापक परीक्षण पूरा करने के बाद एलसीए नेवी ने आईएनएस विक्रमादित्य पर आज सुबह 10:02 बजे सफलतापूर्वक अरेस्टिड लैंडिंग की। कमोडोर जयदीप मौलंकर ने मेडन लैंडिंग कराई।
इस सफल लैंडिंग के साथ भारत रूस, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और चीन के बाद छठा ऐसा देश बन गया, जिसने विमान वाहक पोत के डेक पर एक अरेस्टिड लैंडिंग और डेक पर स्काई जंप टेक ऑफ की कला में महारत हासिल की है।
इससे पहले पिछले साल सितंबर में तेजस ने विमान वाहक पोत पर अरेस्ट लैंडिंग की थी। सफल लैंडिंग के बाद वायुसेना ने ट्वीट कर कहा, 'इस उपलब्धि के साथ स्वदेशी विकसित तकनीकें जो डेक आधारित फाइटर ऑपरेशंस के लिए विशिष्ट साबित हुई हैं, वह अब भारतीय नौसेना के ट्विन इंजन डेक आधारित लड़ाकू विमान के विकास और निर्माण का मार्ग प्रशस्त करेंगी।'
वायर के सहारे लैंडिंग (अरेस्ट लैंडिंग) के बारे में जानिए
अरेस्टिंग गियर की सहायता से किसी भी फाइटर प्लेन को छोटे रनवे जैसे विमानवाहक पोत पर आसानी से लैंड कराया जा सकता है। इस तकनीकी की सफल परीक्षण के बाद अब एलसीए तेजस के नेवल वर्जन को विक्रमादित्य विमानवाहक पोत पर तैनात किया जा सकेगा।इसके अलावा एलसीए तेजस के नेवल वर्जन को भारत के अगले विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर भी तैनात किया जा सकेगा। भारत अमेरिका से शार्ट टेक ऑफ बट अरेस्ट रिकवरी ट्रूल्स को खरीदने का मन बना रहा है। इसे इस्तोबार या STOBAR भी बोला जाता है।