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Navy: राष्ट्रपति ने INS विक्रांत पर सवार होकर देखा समुद्री अभियान, स्वदेशी युद्धपोत-पनडुब्बियों ने दिखाई ताकत
Thu, 07 Nov 2024 09:19 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पणजी।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 07 Nov 2024 09:19 PM IST
सार
Indian Navy: नौसेना की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए राष्ट्रपति कहा कि नौसेना ने कई मौकों पर समुद्र में लोगों की जान बचाई है। उन्होंने कहा कि बुल्गारिया के राष्ट्रपति ने भी इस साल समुद्री संकट में फंसे बुल्गारियाई चालक दल को बचाने के लिए आभार व्यक्त किया था।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
- फोटो : एएनआई
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत की यात्रा की और भारतीय नौसेना के बहुपक्षीय अभियानों का प्रदर्शन देखा। यह कार्यक्रम अरब सागर में गोवा तट के करीब हुआ, जिसमें नौसेना के अग्रिम पंक्ति के 15 युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल हुए।
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नौसेना ने इस मौके पर राष्ट्रपति मुर्मू के सामने अपनी छह पारंपरिक पनडुब्बियों का प्रदर्शन दिखाया, जिसमें कलवरी श्रेणी, रूसी किलो श्रेणी और जर्मनशिशुमर श्रेणी की पनडुब्बियां शामिल थीं।
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#WATCH | Indian Navy today showcased six of its conventional submarines at the capability demonstration to President Draupadi Murmu during her visit to the aircraft carrier INS Vikrant at sea. The submarines included vessels from the latest Kalvari class, Russian-origin Kilo… pic.twitter.com/ivoH3q8g9c
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 7, 2024
इस मौके पर राष्ट्रपति ने कहा कि अपनी व्यापक तैनाती और रणनीतिक क्षमताओं के साथ नौसेना समुद्री क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने नौसेना की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए कहा कि नौसेना ने कई मौकों पर समुद्र में लोगों की जान बचाई है। उन्होंने कहा कि बुल्गारिया के राष्ट्रपति ने भी इस साल समुद्री संकट में फंसे बुल्गारियाई चालक दल को बचाने के लिए आभार व्यक्त किया था।
उन्होंने आगे कहा कि नौसेना अग्निपथ योजना के जरिए बड़े बदलाव कर रही है और महिलाओं की भर्ती में आगे है। नौसेना ने पहली बार महिला अग्निवीरों की भर्ती की है और अब नौसेना में महिला पायलटों को भी तैनात करने का फैसला लिया गया है। हाल ही में नौसेना को अपनी पहली महिला हेलीकॉप्टर पायलट मिली है। इन कदमों से नौसेना में लैंगिक समावेशिता को बढ़ावा मिल रहा है।
वहीं, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने इस मौके पर कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत उन छह देशों में शामिल है, जो परमाणु पनडुब्बी और विमानवाहक पोत दोनों का निर्माण और संचालन करने में सक्षम है।