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Indian Navy: अमेरिका के हूती विद्रोहियों पर हमले के बाद नौसेना अलर्ट, अरब सागर में तैनात किए 10 युद्धक जहाज
Fri, 12 Jan 2024 01:20 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 12 Jan 2024 01:20 PM IST
सार
भारतीय नौसेना ने बयान जारी कर बताया कि छह से दस युद्धक जहाजों को अरब सागर और अदन की खाड़ी में तैनात कर दिया गया है। इनमें डेस्ट्रॉयर, फ्रिजेट्स और ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स शामिल हैं।
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indian navy and royal navy exercise
- फोटो : ani
विस्तार
अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद लाल सागर और अरब सागर के इलाके में तनाव बढ़ने की आशंका है। इस आशंका को देखते हुए भारतीय नौसेना भी अलर्ट हो गई है। नौसेना ने एहतियातन अरब सागर में अपने युद्धक जहाजों, फ्रिजेट्स और पेट्रोलिंग जहाजों की तैनाती कर दी है। भारतीय नौसेना ने बयान जारी कर बताया कि छह से दस युद्धक जहाजों को अरब सागर और अदन की खाड़ी में तैनात कर दिया गया है। इनमें डेस्ट्रॉयर, फ्रिजेट्स और ऑफशोर पेट्रोल वेसल्स शामिल हैं। इस तैनाती का फोकस सोमालिया के तट से होने वाली लूट की घटनाओं और व्यापारिक जहाजों पर ड्रोन हमलों को रोकना है। भारतीय युद्धक जहाज समुद्र में किसी भी घटना पर पूरी नजर रखे हुए हैं।
हूती विद्रोहियों पर अमेरिकी हमले से बढ़ी चिंता
इस्राइल हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातार लाल सागर और अरब सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे। हूती विद्रोहियों के हमले के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए थे और एहतियातन कई कंपनियों ने अपने व्यापारिक जहाजों को दूसरे समुद्री रूट से भेजना शुरू कर दिया था। इसका असर ये हो रहा था कि इससे कंपनियों की लागत बढ़ी और उसके असर से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था।
अमेरिका और सहयोगी देशों ने हूती विद्रोहियों को व्यापारिक जहाजों पर हमले ना करने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन जब चेतावनी का असर नहीं पड़ा तो अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ मिलकर गुरुवार को यमन में हूती विद्रोहियों के कई ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला कर उन्हें तबाह कर दिया। अमेरिका की कार्रवाई के बाद लाल सागर और पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। दरअसल हूती विद्रोही फिलस्तीनियों के समर्थन में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे। अब जब हूती विद्रोहियों पर भी हवाई हमला हुआ है तो इसका क्षेत्रीय भू-राजनीति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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हूती विद्रोहियों पर अमेरिकी हमले से बढ़ी चिंता
इस्राइल हमास युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान समर्थित हूती विद्रोही लगातार लाल सागर और अरब सागर में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे। हूती विद्रोहियों के हमले के चलते अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए थे और एहतियातन कई कंपनियों ने अपने व्यापारिक जहाजों को दूसरे समुद्री रूट से भेजना शुरू कर दिया था। इसका असर ये हो रहा था कि इससे कंपनियों की लागत बढ़ी और उसके असर से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया था।
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अमेरिका और सहयोगी देशों ने हूती विद्रोहियों को व्यापारिक जहाजों पर हमले ना करने की चेतावनी भी दी थी, लेकिन जब चेतावनी का असर नहीं पड़ा तो अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ मिलकर गुरुवार को यमन में हूती विद्रोहियों के कई ठिकानों पर बड़ा हवाई हमला कर उन्हें तबाह कर दिया। अमेरिका की कार्रवाई के बाद लाल सागर और पूरे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। दरअसल हूती विद्रोही फिलस्तीनियों के समर्थन में व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे थे। अब जब हूती विद्रोहियों पर भी हवाई हमला हुआ है तो इसका क्षेत्रीय भू-राजनीति पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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