फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Indian Navy conduct Milan 2026 maritime exercise in February, involving 55 countries including US and russia

Milan 2026: भारतीय नौसेना का फरवरी में 'मिलन 2026' समुद्री अभ्यास, अमेरिका और रूस सहित 55 देश होंगे शामिल

Fri, 31 Oct 2025 03:29 PM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: लव गौर Updated Fri, 31 Oct 2025 03:29 PM IST
सार

Milan 2026: नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने 19 से 26 फरवरी 2026 तक चलने वाले सप्ताह भर के अभ्यास की घोषणा की है। दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत विशाखापत्तनम में 'मिलन 2026'  समुद्री अभ्यास में अमेरिका और रूस दोनों की नौसेनाओं की मेजबानी करेगा।

विज्ञापन
Indian Navy conduct Milan 2026 maritime exercise in February, involving 55 countries including US and russia
नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन - फोटो : ANI

विस्तार

विज्ञापन

भारत अगले साल फरवरी में विशाखापत्तनम में होने वाले 'मिलन 2026' समुद्री अभ्यास में अमेरिका और रूस दोनों की नौसेनाओं की मेजबानी करेगा। दिल्ली में आयोजित एक प्रेस वार्ता में नौसेना उप प्रमुख ने सबसे बड़े सैन्य अभ्यास मिलन को लेकर जानकारी साझा की।

अमेरिका और रूस की नौसेना होंगी शामिल
वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने अगले साल 19 से 26 फरवरी तक चलने वाले सप्ताह भर के सैन्य अभ्यास की घोषणा की। नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने बताया कि अमेरिका और रूस दोनों ने अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा और मिलन अभ्यास में भाग लेने की पुष्टि कर दी है। वे अपने जहाज भेजेंगे। उन्होंने कहा कि कुछ विमानों के भी आने की उम्मीद है।

विज्ञापन

दरअसल, मिलन अभ्यास भारतीय नौसेना की ओर से आयोजित एक द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास है, जो मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच पेशेवर संपर्क और सैन्य सहयोग को बढ़ाने के लिए किया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मिलन 2026 में शामिल हो सकते हैं 55 देश
प्रेस वार्ता में वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने कहा, "हमने बड़ी संख्या में देशों को निमंत्रण भेजा है, और अब तक हमें 55 से ज्यादा देशों से प्रतिक्रियाएं मिली हैं, जिन्होंने तीनों कार्यक्रमों में शामिल होने की इच्छा जताई है। बहुत बड़ी संख्या में नौसेनाएं अपने जहाज भेजने के अलावा उच्च-स्तरीय समर्पण के जरिए भी इसमें भाग ले रही हैं। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं, अभी चार महीने बाकी हैं। इसलिए जैसे-जैसे और पुष्टियां आती जाएंगी, ये संख्याएं बदलती रहेंगी और जैसे-जैसे भू-राजनीति विकसित होती है, हम भविष्यवाणी नहीं कर सकते कि 7 या 15 दिनों में क्या होगा। इसलिए संख्याओं में बदलाव होगा।"

अमेरिकी और रूसी नौसेना के शामिल होने की पुष्टि

उन्होंने आगे कहा कि लेकिन निश्चित रूप से हम 55 से ज्यादा देशों के आने की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अमेरिका और रूस दोनों ही इसमें भाग ले रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि वे अपने जहाज भेजेंगे, और हमें शायद कुछ विमान भी मिलने की उम्मीद है, लेकिन अभी भी काम चल रहा है।

हिंद महासागर क्षेत्र को लेकर नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन ने कहा, "मौजूदा स्थिति के कारण हिंद महासागर क्षेत्र में क्षेत्र-बाह्य शक्तियों की निरंतर उपस्थिति बनी हुई है। यह हमेशा से ऐसा ही रहा है और यह लगातार बढ़ रहा है। किसी भी समय हमारे पास कम से कम 40, बल्कि 50 से भी ज्यादा जहाज हिंद महासागर क्षेत्र में कार्यरत होते हैं और आप सभी को आश्वस्त करने के लिए हम उनमें से प्रत्येक पर नजर रख रहे हैं। हम जानते हैं कि वे क्या कर रहे हैं, उनके क्या करने की संभावना है, वे कब आते हैं, कब जाते हैं, चुनौतियां बनी हुई हैं।"

उन्होंने आगे कहा, "हम समुद्री डकैती से लेकर मानव तस्करी, ड्रग्स वगैरह तक हर पहलू पर नजर रखते हैं। इसलिए ये चुनौतियां मौजूद हैं और हम इनके प्रति सजग हैं। हम किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। इस साल हमने 10 जहाज और एक पनडुब्बी शामिल की है, और मुझे उम्मीद है कि दिसंबर के अंत से पहले चार और जहाज मिल जाएंगे और मुझे लगता है कि अगले साल हमारे पास 19 जहाज होंगे, जिनके शामिल होने की संभावना है। उनमें से ज्यादातर दिसंबर तक कमीशन हो जाएंगे। और अगले साल तक, हमें उम्मीद है कि लगभग 13 जहाज भारतीय नौसेना को मिल जाएंगे।" इसके अलावा हिंद महासागर में चीनी नौसैनिक जहाजों के बारे में पूछे जाने पर नौसेना के उप प्रमुख ने कहा कि सभी चीनी जहाजों पर नजर रखी जा रही है।

अभ्यासों और हमारी योजनाओं में कोई रुकावट नहीं- नौसेना
वहीं अंतर्राष्ट्रीय बेड़े समीक्षा और मिलन अभ्यास पर नौसेना उप प्रमुख ने कहा, "हम ऑपरेशन सिंदूर में हैं और ऑपरेशन अभी बंद नहीं हुआ है, लेकिन विदेशों के साथ हमारी बातचीत, हमारे चल रहे अभ्यासों और हमारी योजनाओं में कोई रुकावट नहीं है। कोई पूर्ण विराम नहीं है। हम ऑपरेशन सिंदूर के लिए तैयार और तैनात हैं। अपनी बाकी योजनाओं के लिए हम उन्हें भी जारी रखेंगे। तो यह एक बहुत ही सरल संदेश है।"



मिलन अभ्यास से पहले 18 फरवरी को इसी स्थान यानी विशाखापत्तनम पर अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा का आयोजन किया जाएगा। भारत अपनी तीसरी अंतर्राष्ट्रीय बेड़ा समीक्षा की मेजबानी कर रहा है, इससे पहले 2001 और 2016 में समीक्षा की गई थी। नौसैनिक अभ्यास में 19 और 20 फरवरी को बंदरगाह चरण होगा, जिसके बाद 21 से 25 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी में अत्यधिक जटिल परिचालन और समुद्री चरण होगा। नौसेना अधिकारियों ने बताया कि समुद्री चरण में पनडुब्बी रोधी अभ्यास, हवाई और समुद्री अभियान शामिल होंगे। यह जटिल और गतिशील होगा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed