{"_id":"5e9085688ebc3e7117047d86","slug":"indian-government-will-take-decision-to-bring-back-indians-from-abroad-only-after-reviewing-the-situation-on-corona","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना पर स्थिति की समीक्षा के बाद ही विदेश से भारतीयों को लाने पर होगा फैसला ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना पर स्थिति की समीक्षा के बाद ही विदेश से भारतीयों को लाने पर होगा फैसला
Fri, 10 Apr 2020 08:10 PM IST
अमित कुमार
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमित कुमार
Updated Fri, 10 Apr 2020 08:10 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विदेश में फंसे भारतीयों को वापस लाने के मामले में केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में स्थिति की समीक्षा करने के बाद ही इस पर फैसला लिया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि भारत से अब तक 20,400 विदेशियों को वापस उनके देश भेजा जा चुका है। मगर विदेश से भारतीयों को लाने का फैसला समीक्षा के बाद लिया जाएगा।
विज्ञापन
विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दामू रवि ने कहा कि कई देशों की सरकार द्वारा अनुरोध किया गया था। हमनें कल तक 20,473 विदेशी नागरिकों को सफलतापूर्वक उनके देश भेज दिया है। उन्होंने कहा कि यह एक प्रक्रिया है। विदेशों में फंसे भारतीयों को लेकर कुछ सवाल आए हैं। यह ऐसी स्थिति है जिसमें हम बंद जारी होने की वजह से कोई निश्चित जवाब नहीं दे सकते। हमें स्थिति का आकलन करना होगा…यह निर्णय सरकार का होगा कि हम दूसरे देशों से भारतीयों को कैसे वापस लाते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि हमारे राजदूत और उच्चायुक्त सभी देशों में भारतीयों से नियमित संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव मदद दे रहे हैं। विदेश मंत्रालय की कोविड-19 हेल्पलाइन चालू हैं और वहां काम कर रहे लोग इस मामलें में उनके सवालों का इस मामले में जवाब दे रहे हैं। स्थिति नियंत्रण में है। हम उनकी वापसी के बारे में आगे समीक्षा करेंगे।
विज्ञापन
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन का पर्याप्त स्टॉक
रवि कोविड-19 समन्वयक भी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को विभिन्न देशों से हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन के लिए अनुरोध मिला था और कुछ अतिरिक्त दवाओं के निर्यात का फैसला लिया गया। विदेश मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने यह भी कहा कि भारत के पास भंडार में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन की 3.28 करोड़ गोलियां हैं। घरेलू जरूरतों और बफर स्टॉक रखने के बाद अतिरिक्त दवाओं के निर्यात का फैसला लिया गया। माना जा रहा है कि मलेरिया की यह दवा कोरोना वायरस के इलाज में उपयोगी है।
सामुदायिक संक्रमण की स्थिति नहीं
कोरोना वायरस के सामुदायिक संक्रमण के खतरे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने साफ किया है कि अभी ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान देश में कोरोना वायरस संक्रमण के 678 और मामले सामने आए हैं जबकि 33 लोगों की मौत हुई है। देश में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या अब 6,412 हो गई है जबकि अब तक 199 लोग देश में इससे अपनी जान गंवा चुके हैं।