विदेश मंत्रालय की पाक को दो टूक, कहा- हमारे अंदरूनी मामलों में दखल देना बंद करे
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को केंद्रशासित राज्यों का दर्जा देने के बाद बौखलाए पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक के बाद एक कई फैसले लिए हैं। शुक्रवार को विदेश मंत्रालय ने अनुच्छेद 370 से जुड़ा, हाल का पूरा घटनाक्रम पूरी तरह से भारत का आतंरिक मामला बताया। इन मुद्दों पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाक को आईना दिखाते हुए कहा है कि पाक के लिए यह समय है कि वह सच्चाई को स्वीकार करे और दूसरे देशों के अंदरूनी मामलों में दखल देना बंद करे।
Raveesh Kumar, MEA: It is time for Pakistan to accept the reality and stop interfering in internal affairs of other countries. pic.twitter.com/wjqI4azvOB
— ANI (@ANI) August 9, 2019विज्ञापन
पाकिस्तान द्वारा समझौता एक्सप्रेस को बंद किये जाने पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और हमें इसका अफसोस है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, 'पाकिस्तान के ये कदम एकतरफा हैं। ये फैसले हमले बात किए बिना लिए गए हैं। हमने उनसे कहा है कि अपने फैसले पर फिर से विचार करें। हमें लगता है कि पाक जो भी कर रहा है उससे हमारे द्विपक्षीय संबंधों की खतरनाक तस्वीर सामने आ रही है।'
Raveesh Kumar, MEA on Samjhauta&Thar Express trains: Actions taken by Pak unilateral.This has been done without consulting us.We've urged them to reconsider their decision.Our sense is that whatever is being done by Pak is to present an alarming picture of bilateral relationship. pic.twitter.com/sorPrQqz1u
— ANI (@ANI) August 9, 2019
'पाकिस्तानी वायु क्षेत्र बंद नहीं'
पाकिस्तान के वायु क्षेत्र के बंद होने संबंधी खबरों को खारिज करते हुए रवीश कुमार ने कहा कि पाकिस्तानी वायु क्षेत्र बंद नहीं है, केवल रास्तों में फेरबदल की गई है, वायु क्षेत्र चालू है। पाकिस्तान में भारत के उच्च आयुक्त के संबंध में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'वह दिल्ली में नहीं हैं। हमने पाकिस्तान से कहा है कि वह अपने फैसले की समीक्षा करे। उनके वापस आने के समय का फैसला इसके बाद तय किया जाएगा।'
Raveesh Kumar, MEA on being asked about the Indian High Commissioner in Pakistan: He is not in Delhi. We have requested Pakistan for review of their decision. The timing of his return will be determined later. pic.twitter.com/E7gxhz0BvZ
— ANI (@ANI) August 9, 2019
'जम्मू-कश्मीर पर भारत की पहल से पाकिस्तान बेचैन'
विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर भारत की पहल से पाकिस्तान बेचैन है और उसे लगता है कि अगर जम्मू कश्मीर में विकास होगा तो वह वहां की जनता को गुमराह नहीं कर पाएगा। विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसीलिये वह दुनिया के सामने द्विपक्षीय संबंधों की चिंताजनक तस्वीर पेश करने का प्रयास कर रहा है।मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा भारत के राजनयिक स्तर में कटौती करने सहित अन्य कदम का मकसद दुनिया के सामने द्विपक्षीय संबंधों की चिंताजनक तस्वीर पेश करना है जिसे न तो भारत और न ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय मानता है। पाक को लगता है कि अगर जम्मू कश्मीर में विकास होगा तो वह वहां के लोगों को गुमराह नहीं कर पाएगा।
रवीश कुमार ने कहा कि शांति समझौते के साथ कश्मीर मुद्दे को जोड़ने के पाकिस्तान के प्रयास सफल नहीं हुए। उन्होंने कहा, 'हमारा मानना है कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर के बेहतर हितों को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं।’