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Coast Guards: पोरबंदर से 50 किमी दूर बल ने पांच मछुआरों को बचाया, बीच समुद्र में शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

Mon, 25 Mar 2024 12:43 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोरबंदर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोरबंदर Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 25 Mar 2024 12:43 AM IST
सार

आईसीजी जहाज सी-16 ने प्रेमसागर जहाज के चालक दल में शामिल सभी पांच लोगों को बचा लिया और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की। इसके बाद उन्हें पोरबंदर लाया गया और मत्स्य पालन विभाग को सौंप दिया गया। 

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Indian Coast Guard responds to an SOS call evacuated 5 fishermen 50 km away porbandar
तटरक्षक बल ने बचाया - फोटो : ANI

विस्तार

भारतीय तटरक्षक बल ने पोरबंदर से 50 किलोमीटर दूर बीच समुद्र से मछली पकड़ने वाली एक नाव से पांच मछुआरों को सुरक्षित बाहर निकाला है। बल ने बताया कि तटरक्षक जिला मुख्यालय-1 (दक्षिण गुजरात दमन और दीव) के समुद्री बचाव उप केंद्र को एक कॉल आया, जिसमें डूबती हुई नाव और मछुआरों के बारे में बताया गया था। जानकारी मिलते ही आईसीजी जहाज सी-16 तुरंत पोरबंदर के लिए रवाना हुई। आईसीजी ने प्रेमसागर जहाज के चालक दल में शामिल सभी पांच लोगों को बचा लिया और उन्हें चिकित्सा सहायता प्रदान की। इसके बाद उन्हें पोरबंदर लाया गया और मत्स्य पालन विभाग को सौंप दिया गया। 

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देखें रेस्क्यू का वीडियो…

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नौसेना प्रमुख ने एक दिन पहले समुद्री सुरक्षा पर बात की थी
राजधानी नई दिल्ली में स्थित नौसेना भवन में शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भारतीय नौसेना सुरक्षित हिंद महासागर क्षेत्र सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।उन्होंने कहा कि हूती विद्रोहियों ने अब तक किसी भी भारतीय ध्वज वाले जहाज को निशाना नहीं बनाया है। उन्होंने पिछले 100 दिनों में नौसेना द्वारा की गई समुद्री डकैती विरोधी अभियानों का हवाला देते हुए कहा कि हमने समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समुद्री डकैती रोधी, मिसाइल रोधी और ड्रोन रोधी अभियान चलाए हैं। हमने ऑपरेशन संकल्प से 110 लोगों, जिसमें 45 भारतीय और 65 विदेशी नागरिकों की जान बचाई है। एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया गया कि नवंबर 2023 से लेकर अब तक 90 से अधिक समुद्री घटनाएं हुईं है, जिनमें 57 ड्रोन और मिसाइल हमले हैं तो वहीं, 39 समुद्र डकैती, अपहरण सहित अन्य गतिविधियां शामिल हैं। 


पिछले दस वर्षों में सबसे बड़ा नौसैनिक अभियान
नौसेना ने बताया कि दो दिन पहले सोमालिया के तट पर एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ाए 35 समुद्री लुटेरों को लेकर आईएनएस कोलकाता मुंबई पहुंचा है। समुद्री लुटेरों के खिलाफ भारतीय कानून, समुद्री डकैती विरोधी अधिनियम- 2022 के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई पुलिस को सौंप दिया गया है। बता दें, एंटी पाइरेसी ऑपरेशन के तहत नौसेना ने भारतीय तटों से 2600 किलोमीटर दूर समुद्री डाकुओं के खिलाफ कार्रवाई की और उन्हें आत्मसमर्पण करने को मजबूर कर दिया था। करीब 40 घंटे चले ऑपरेशन में नौसेना के आईएनएस कोलकाता और आईएनएस सुभद्रा युद्धपोत, ड्रोन्स और मरीन कमांडो शामिल हुए थे। एडमिरल का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में यह भारत का सबसे बड़ा ऑपरेशन था, जिसमें हमने 35 लुटेरों को पकड़ा है।


समुद्री डकैती रोधी अधिनियम हमारे लिए मददगार, पहले होती थी परेशानी
सोमालिया के लूटेरों के खिलाफ कैसे कार्यवाही होगी के सवाल पर एडमिरल कुमार ने बताया कि पहले हमारे पास समुद्री डकैती रोधी अधिनियम नहीं था, जिस वजह से ऐसे मामलों में काफी परेशानी होती थी लेकिन अब हमारे पास इसके लिए कानून है। समुद्री डकैती रोधी अधिनियम सुरक्षा बलों के लिए बहुत मददगार है, खासकर नौसेना के लिए क्योंकि हम समुद्री डकैती रोधी अभियानों में शामिल हैं। पहले सिर्फ एक ही थाने को इन मामलों के लिए नामित किया गया था लेकिन अब सभी तटीय पुलिस थानों को अधिकार दे दिए गए हैं।

 

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