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भूखा भारत: नहीं मिल पा रहा है भरपेट खाना
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:39 PM IST
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कुपोषित भारत
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भारत आज भी कुपोषित और भूखा है। देश के 38.4 फीसदी बच्चों को भरपेट पौष्टिक खाना नहीं मिल पा रहा है। इसलिए कुपोषण आज भी भारत के लिए अभिशाप बना हुआ है। यूनाइटेड नेशन की रिपोर्ट के अनुसार 190.7 मिलियन लोगों के पास घर तो है लेकिन 14.5 फीसदी लोगों को एक समय का खाना नसीब नहीं हैं। जिस तरह से देश में पोलियो पर मिशन चलाया गया ठीक वैसे की कुपोषित और खून की कमी से जूझ रहे भारत को पोषित किए जाने की जरूरत है।
पढ़े: प्रदूषण फैलाना हो या हो जिंदगी में तनाव, विश्वभर में सबसे आगे हैं भारतीय
दुनियाभर में कुपोषित लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। स्टेट फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन 2017 की जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि हर वर्ष कुपोषित लोगों की तादाद बढ़ रही है। 2015 में जहां 777 मिलियन लोग कुपोषित थे जो 2016 में बढ़ कर 815 मिलियन हो गए हैं।
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इन आंकड़ों के बीच भूखे, कुपोषित और एनेमिक भारतीयों का आंकड़ा चौंकाता है। भारत के 38.4 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं जबकि 51.4 फीसदी महिलाओं में खून की कमी पाई गई है।
पढ़ें: हर चौथा बच्चा कुपोषण की गिरफ्त में
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दुनियाभर में कुपोषित लोगों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। स्टेट फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन 2017 की जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि हर वर्ष कुपोषित लोगों की तादाद बढ़ रही है। 2015 में जहां 777 मिलियन लोग कुपोषित थे जो 2016 में बढ़ कर 815 मिलियन हो गए हैं।
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इन आंकड़ों के बीच भूखे, कुपोषित और एनेमिक भारतीयों का आंकड़ा चौंकाता है। भारत के 38.4 फीसदी बच्चे कुपोषित हैं जबकि 51.4 फीसदी महिलाओं में खून की कमी पाई गई है।
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भारत में 38.4 फीसदी कुपोषित हैं
भूखा भारत
भारत को कुपोषण के लिए युद्धस्तर पर काम करने की जरूरत है। अगर देश के विकासशील देशों की बात करें तो भारत में जहां 38.4 फीसदी कुपोषित हैं तो श्रीलंका में 14.7 फीसदी और चीन में 9.4 फीसदी बच्चे कुपोषित है। ये बात अलग है कि भारत में कुपोषित बच्चों की तादाद कम हो रही है।
2005 में 62 मिलियन बच्चे कुपोषित थे जो 2016 में 47.5 फीसदी कुपोषित हैं। लेकिन अब बड़े लोगों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। देश अब 70 साल का होने को है। हम देश में चांद और मंगल पर पहुंचने की जुगत मे हैं।
2005 में 62 मिलियन बच्चे कुपोषित थे जो 2016 में 47.5 फीसदी कुपोषित हैं। लेकिन अब बड़े लोगों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। देश अब 70 साल का होने को है। हम देश में चांद और मंगल पर पहुंचने की जुगत मे हैं।
देश की बड़ी जनसंख्या भूखी है
malnutrition
लेकिन देश की बड़ी जनसंख्या भूखी है। कुपोषित है। कुपोषण के शिकार में अधिकतर मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और बिहार के हैं।कुपोषण से निपटने के लिए लाख कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। नतीजे बिल्कुल सुखद नहीं है।
भारत में भले की कुपोषण का प्रतिशत पिछले दस वर्षों में 7-8 फीसदी गिरा है लेकिन सरकार को अभी लंबी दूरी तय करनी है। क्योंकि भूख की वजह से 6 करोड़ बच्चों का विकास नहीं हो पा रहा है जबकि दो करोड़ से अधिक बच्चे जिंदा लाश की तरह जीने को अभिशप्त हैं। सरकारी की रिपोर्ट के अनुसार भारत का हर तीसरा बच्चा कुपोषित है। जबकि चौंकाने वाली खबर ये है कि दुनियाभर में भुखमरी के शिकार लोगों की 25 फीसदी से अधिक आबादी भारत में हैं।
भारत में भले की कुपोषण का प्रतिशत पिछले दस वर्षों में 7-8 फीसदी गिरा है लेकिन सरकार को अभी लंबी दूरी तय करनी है। क्योंकि भूख की वजह से 6 करोड़ बच्चों का विकास नहीं हो पा रहा है जबकि दो करोड़ से अधिक बच्चे जिंदा लाश की तरह जीने को अभिशप्त हैं। सरकारी की रिपोर्ट के अनुसार भारत का हर तीसरा बच्चा कुपोषित है। जबकि चौंकाने वाली खबर ये है कि दुनियाभर में भुखमरी के शिकार लोगों की 25 फीसदी से अधिक आबादी भारत में हैं।