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पाक को माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सेना कर रही ‘शत्रुजीत’ अभ्यास
एजेंसी/ नई दिल्ली
Updated Sat, 16 Apr 2016 03:24 AM IST
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पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर होने वाले किसी भी हमले का तुरंत और माकूल जवाब देने के लिए भारतीय सेना अभ्यास कर रही है। राजस्थान के थार रेगिस्तान की तपती गर्मी में चल रहे इस व्यापक सैन्य अभ्यास को ‘शत्रुजीत’ नाम दिया गया है।
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रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस अभ्यास में सेना की कई टुकड़ियां शामिल हैं। यह अभ्यास परमाणु, जैविक और रासायनिक युद्ध के माहौल में किया जा रहा है। अभ्यास में बख्तरबंद वाहनों, तोपों और सैनिकों को उच्चस्तरीय अभियान पर लगाया गया है ताकि भारतीय फौज किसी भी हालात का सामना करने के लिए तैयार रहे। महीने के आखिर में इस अभ्यास को 18 लाख के संख्या बल वाली भारतीय सेना की तीन प्रमुख हमलावर कोर में से एक मथुरा कोर चलाएगी। वहीं दक्षिणी-पश्चिमी कमान के मुख्यालय जयपुर से अभ्यास पर नजर रखी जाएगी।
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सैन्य सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से युद्ध में परमाणु हथियारों के बचकाना इस्तेमाल का अंदेशा है। वहीं, भारत की पहले परमाणु हमला न करने की नीति स्पष्ट है। इस नीति में दुश्मनों की ओर से पहले परमाणु हमला करने पर कठोर और व्यापक सामरिक तथा रणनीतिक कार्रवाई की चेतावनी भी शामिल है। उम्मीद की जा रही है कि सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग ‘शत्रुजीत’ अभ्यास के आखिरी चरण की समीक्षा करेंगे। इस दौरान लंबी दूरी की मिसाइलों का बेड़ा और वायुसेना भी अभ्यास में शामिल होगा। इसमें दो से तीन हजार सैनिकों की पैरा ड्रॉपिंग भी कराई जाएगी।
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पाकिस्तान की ताकत
पाकिस्तान के पास ‘शाहीन’ और ‘गौरी’ सीरीज की लंबी दूरी तक मार करने वाली कई मिसाइलें हैं। वह अक्सर 60 किलोमीटर तक मार करने वाली नस्र (हत्फ-9) मिसाइल का प्रदर्शन करता रहता है। इस पाकिस्तानी मिसाइल का मकसद पारंपरिक युद्ध हथियारों के मामले में भारत की बराबरी करना है। पाकिस्तान हमेशा कहता है कि उसने भारत से मुकाबले के लिए परमाणु हथियार विकसित किए हैं।