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Indian Army: पहाड़ी इलाकों में युद्ध से निपटने के लिए भारतीय सेना तैयार, सैन्य अभ्यास 'पूर्वी प्रहार' शुरू
Wed, 13 Nov 2024 04:14 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Wed, 13 Nov 2024 04:14 PM IST
सार
भारतीय सेना के मुताबिक इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य पहाड़ी इलाकों में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाना है। ताकि तीनों सेनाओं में समन्वय और तत्परता बढ़ सके
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युद्ध अभ्यास में भाग लेते सैनिक।
- फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
भारतीय सेना ने पहाड़ी इलाकों में युद्ध की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सेना ने 10 नवंबर से अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में तीन स्तरीय सेवा अभ्यास पूर्वी प्रहार शुरू किया है। भारतीय सेना के मुताबिक इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य पहाड़ी इलाकों में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना की युद्ध क्षमता को बढ़ाना है। ताकि तीनों सेनाओं में समन्वय और तत्परता बढ़ सके। यह अभ्यास 18 नवंबर तक चलेगा।
एलएसी से वापसी के बाद पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास
हाल ही में भारत और चीन के बीच एलएसी को लेकर हुए समझौते के बाद भारतीय सेना की वास्तविक नियंत्रण रेखा से वापसी हो गई है। इसके बाद यह पहला त्रिस्तरीय संयुक्त अभ्यास हो रहा है। इस सैन्य अभ्यास में सेना के तीनों अंग अपनी युद्ध क्षमता को दिखा रहे हैं। इसमें इन्फ्रेंटी फाइटर यूनिट, आर्टिलरी गन, लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर, यूएवी का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही सुखोई-30, राफेल जैसे लड़ाकू विमान भी युद्ध अभ्यास में शामिल हो रहे हैं।
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पूर्व में रक्षा तैयारी की मजबूती पर जोर
बताया जाता है कि सैन्य अभ्यास में नौसेना के मार्को कमांडो भी भाग ले रहे हैं। अभ्यास का उद्देश्य पूर्वी क्षेत्र में रक्षा तैयारियों और स्थिति के मजबूत करना है। इसके साथ ही सेना के तीनों अंगों की संयुक्त क्षमता को निखारना है। 18 नवंबर तक चलने वाले संयुक्त अभ्यास में वायु सेना, नौसेना और थल सेना तीनों अपने-अपने युद्ध कौशल को दिखाएंगे। साथ ही पहाड़ी इलाकों में हो रहा यह अभ्यास सेना के युद्ध कौशल को संवारने में बड़ा योगदान देगा।
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#WATCH | The Indian Army is conducting a high-intensity tri-services exercise, Ex Poorvi Prahar, from 10th to 18th November 2024 in the forward areas of Arunachal Pradesh. This large-scale, joint exercise aims to hone the combat effectiveness of the Indian Army, Navy, and Air… pic.twitter.com/3xDhUk8OpU
— ANI (@ANI) November 13, 2024विज्ञापन
एलएसी से वापसी के बाद पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास
हाल ही में भारत और चीन के बीच एलएसी को लेकर हुए समझौते के बाद भारतीय सेना की वास्तविक नियंत्रण रेखा से वापसी हो गई है। इसके बाद यह पहला त्रिस्तरीय संयुक्त अभ्यास हो रहा है। इस सैन्य अभ्यास में सेना के तीनों अंग अपनी युद्ध क्षमता को दिखा रहे हैं। इसमें इन्फ्रेंटी फाइटर यूनिट, आर्टिलरी गन, लाइट कॉम्बेट हेलीकॉप्टर, यूएवी का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही सुखोई-30, राफेल जैसे लड़ाकू विमान भी युद्ध अभ्यास में शामिल हो रहे हैं।
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पूर्व में रक्षा तैयारी की मजबूती पर जोर
बताया जाता है कि सैन्य अभ्यास में नौसेना के मार्को कमांडो भी भाग ले रहे हैं। अभ्यास का उद्देश्य पूर्वी क्षेत्र में रक्षा तैयारियों और स्थिति के मजबूत करना है। इसके साथ ही सेना के तीनों अंगों की संयुक्त क्षमता को निखारना है। 18 नवंबर तक चलने वाले संयुक्त अभ्यास में वायु सेना, नौसेना और थल सेना तीनों अपने-अपने युद्ध कौशल को दिखाएंगे। साथ ही पहाड़ी इलाकों में हो रहा यह अभ्यास सेना के युद्ध कौशल को संवारने में बड़ा योगदान देगा।
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