{"_id":"5f8fa2db8ebc3e75017f7333","slug":"indian-army-handed-over-chinese-soldier-corporal-wang-ya-long-to-chinese-army-at-chushul-moldo-meeting-point","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीमा पर तनातनी के बीच वापस चीन भेजा गया पीएलए का सैनिक, सेना ने एलएसी पर किया था गिरफ्तार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सीमा पर तनातनी के बीच वापस चीन भेजा गया पीएलए का सैनिक, सेना ने एलएसी पर किया था गिरफ्तार
Wed, 21 Oct 2020 08:27 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 21 Oct 2020 08:27 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पकड़े गए चीनी सैनिक को भारतीय सेना ने देर रात चुशूल मोल्डो बैठक प्वाइंट पर चीन की सेना को वापस सौंप दिया। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में कॉर्पोरल रैंक के अधिकारी वांग या लान्ग को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने पर सेना द्वारा हिरासत में लिया गया था।
विज्ञापन
पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की समाचार वेबसाइट ने कहा, सोमवार को लद्दाख में भारतीय सेना द्वारा गिरफ्तार किए गए चीनी सैनिक को देर रात चीनी सीमा गश्त प्वाइंट पर वापस सौंप दिया गया। कॉर्पोरल वांग या लान्ग भटककर एलएसी के पार चले गए थे।
विज्ञापन
Indian Army handed over the Chinese soldier Corporal Wang Ya Long to the Chinese Army at the Chushul Moldo meeting point, last night. pic.twitter.com/ZFROVSdhDz
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) October 21, 2020
कॉर्पोरल वांग या लान्ग को पूर्वी लद्दाख के डेमचोक सेक्टर में भारतीय सेना द्वारा गिरफ्तार गया था। भारतीय सेना के बयान के अनुसार, उन्हें अत्यधिक ऊंचाई पर और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए चिकित्सा सहायता, भोजन और गर्म कपड़े प्रदान किए गए।
यह भी पढ़ें: दक्षिण चीन सागर में ड्रैगन को कैसे करें काबू? चर्चा के लिए भारत आएंगे माइक पोम्पिओ
चीनी सैनिक के पकड़े जाने के बाद, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, भारतीय पक्ष की तरफ से समर्थन करने का वादा किया गया है और चिकित्सा जांच के बाद समय पर सैनिक को वापस करने का वादा किया गया है। हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष अपनी प्रतिबद्धता पर कायम रहेगा और चीनी सैनिक को जल्द ही वापस लौटा देगा।
गौरतलब है कि मई महीने से भारत और चीन सेना के बीच सीमा पर तनाव जारी है। इस दौरान दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई है। 15 जून की रात को लद्दाख की गलवां घाटी में चीनी सेना के साथ हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए। इस घटना के बाद सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया।
वहीं, इस झड़प में हताहत हुए चीनी सैनिकों की संख्या को लेकर बीजिंग की तरफ से कोई जानकारी साझा नहीं की गई। हालांकि, एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि इस झड़प में चीनी सेना के 43 जवान हताहत हुए थे।
पिछले महीने, सीमा पर दो से ज्यादा बार हवाई फायरिंग की गई। इस दौरान दोनों देशों के सैनिक पेगोंग त्सो इलाके में एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए। वहीं, सीमा पर जारी गतिरोध को समाप्त करने के लिए दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ताएं हुई हैं। हालांकि, अभी तक इसे लेकर कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है।