भारत-चीन के बीच करीब चार घंटे तक चली ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत
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भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच शुक्रवार को लद्दाख के चुशुल में ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत करीब चार घंटे बाद खत्म हो गई। दोनों सेनाओं के बीच यह बातचीत शुक्रवार सुबह 11 बजे शुरू हुई और दोपहर 3 बजे समाप्त हुई। इस बात की जानकारी भारतीय सेना के सूत्रों ने दी है।
Indian Army and Chinese Army held Brigade-Commander level talks in Chushul, Ladakh. The meeting started at 11am and ended around 3pm: Indian Army Sources
— ANI (@ANI) September 11, 2020विज्ञापन
इससे पहले गुरुवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच लगभग ढाई घंटे चर्चा हुई थी। इस बातचीत में दोनों देशों के नेताओं ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएएसी) पर शांति और सद्भाव के प्रयासों पर जोर दिया था। भारत ने मई से लेकर अब तक चीन द्वारा की गई हरकत पर विरोध भी जताया। बातचीत के बाद पांच बिंदुओं पर सहमति बनी थी।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वांग यी से एलएएसी के पास फौजी तैनाती को लेकर सवाल पूछा था। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि चीन को लेकर भारत की नीति में कोई बदलाव नहीं आया है। भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के पक्ष में भी नहीं है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस दौरान यह भी कहा कि एलएसी के तनाव का असर दोनों देशों के रिश्तों पर भी पड़ सकता है। इसलिए चीन को वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान करते हुए अपनी फौज को पीछे बुलाना चाहिए। गौरतलब है कि 1993 और 1996 में दोनों देशों के बीच सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए सहमति बनी थी और समझौता हुआ था।