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राफेल की ताकत बढ़ाने के लिए भारत खरीद रहा है खतरनाक हैमर मिसाइल
Thu, 23 Jul 2020 04:57 PM IST
Rajeev Rai
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 23 Jul 2020 04:57 PM IST
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राफेल लड़ाकू विमान
- फोटो : dassault aviation
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चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चल रहे तनाव के बीच भारत अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने में लगा हुआ है। भारत इस वक्त तीनों सेनाओं खासकर वायु और थलसेना को पूरी मजबूती देने की कोशिश में है। यही कारण है कि 29 जुलाई को फ्रांस से भारत आने वाले पांच राफेल लड़ाकू विमानों को और ज्यादा शक्तिशाली बनाने के लिए भारत सरकार फ्रांस से हैमर मिसाइलें खरीद रहा है।
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केंद्र सरकार द्वारा सशस्त्र बलों को तत्काल खरीदारी के लिए दी गई आपातकालीन शक्तियों के तहत, हवा से सतह पर लगभग 60-70 किलोमीटर तक के लक्ष्य पर मार करने वाली हैमर मिसाइल का आदेश दिया जा रहा है।
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हैमर मिसाइल की खरीद के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। इस लेकर सरकारी अधिकारियों ने कहा, 'फ्रांसीसी अधिकारियों ने हमारे राफेल लड़ाकू विमान के लिए एक छोटे नोटिस पर उन्हें आपूर्ति करने पर सहमति व्यक्त की है। वायु सेना द्वारा इन मिसाइलों की तत्काल आवश्यकता के मद्देनजर फ्रांसीसी अधिकारी किसी और ग्राहक के स्टॉक से भारत को इन मिसाइलों की आपूर्ति करेंगे।
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हैमर एक मध्यम श्रेणी का एयर-टू-ग्राउंड हथियार है जिसे शुरू में फ्रांसीसी वायु सेना और नौसेना के लिए डिजाइन और निर्मित किया गया था। बताया जा रहा है कि हैमर भारत को पूर्वी लद्दाख जैसे पहाड़ी स्थानों सहित किसी भी प्रकार के इलाके में किसी भी बंकर या कठोर ठिकाने को नष्ट करने की क्षमता देगा।
गौरतलब है कि भारत और फ्रांस के बीच 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के समझौते के तहत 29 जुलाई को भारत को पांच राफेल विमान मिलेंगे। ये सभी स्कॉल्प और मीटियोर जैसे उन्नत हथियारों से लैस होंगे। पहले पांच राफेल लड़ाकू विमान 29 जुलाई तक भारत में पहुंचने शुरू हो जाएंगे, जो 17 गोल्डन एरो कमांडिंग ऑफिसर के पायलट द्वारा उड़ाए जाएंगे।
राफेल विमान पहले मई के अंत तक भारत को सौंपे जाने थे, लेकिन कोविड-19 स्थिति को देखते हुए इसे दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया था। बता दें कि भारत ने सितंबर में फ्रांस के साथ साल 2016 में 36 राफेल विमानों की आपूर्ति के लिए 60,000 करोड़ रुपये से अधिक के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
हैमर मिसाइल की क्षमता
तीन मीटर लंबी और 330 किलो वजनी यह मिसाइल ऊंचे (पहाड़ी) स्थानों पर 60 किलोमीटर की दूरी और कम ऊंचाई वाली जगहों पर 15 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकती है। जीपीएस और इंफ्रारेड तकनीक से लैस यह मिसाइल दिन और रात के दौरान सभी मौसमों में काम कर सकती है। इसमें वर्टिकल स्ट्राइक क्षमता है। एक राफेल विमान में ऐसी छह मिसाइलों को लगाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।