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अमेरिका की रियायत से ना के बाद ईरान से तेल निर्यात आधा करेगा भारत 

हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली Updated Sat, 15 Sep 2018 02:55 AM IST
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पेट्रोल-डीजल की आसमान छूती कीमतों से जल्द राहत के आसार खत्म हो गए हैं। दरअसल अमेरिका ने ईरान से तेल आयात मामले में भारत को रियायत देने से इंकार कर दिया है। इसके बाद भारत ने अगले दो महीने में ईरान से तेल आयात में आधी कटौती करने का निर्णय लिया है। 
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गौरतलब है कि इस फैसले के बाद ईरान जहां सामारिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण चाबहार बंदरगाह मामले में भारत को झटका दे सकता है। इसके अलावा ईरान की भारत के पड़ोसी चीन से नजदीकी बढ़ सकती है जो उसका सबसे बड़ा आयातक है। 

दरअसल बीते हफ्ते भारत-अमेरिका के विदेश और रक्षा मंत्रियों के बीच टू प्लस टू वार्ता के दौरान भारत ने ईरान से तेल आयात करने के मामले में रियायत मांगी थी। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान भारत ने सामरिक दृष्टि से चाबहार परियोजना पर इसका असर पडने की भी दलील दी थी। हालांकि अमेरिका ने किसी भी तरह की रियायत पर हामी नहीं भरी। 

इसके बाद ईरान से तेल आयात में अगले दो महीने में 2 करोड़ 40 लाख बैरल की कमी लाने का निर्णय लिया गया। सरकारी सूत्रों ने बताया कि नवंबर महीने से ईरान के पेट्रोलियम क्षेत्र पर पडने वाले अमेरिकी प्रतिबंध के मद्देनजर भारत ने ईरान से आयात बढ़ा लिया था। इसके बावजूद आयात में होने वाली कटौती का दो महीने के बाद प्रतिकूल असर पड़ेगा। 

चीन-चाबहार की चिंता 

ईरान से तेल आयात में रियायत न मिलने से भारत की कई तरह से मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस नई मुसीबत के कारण पहले से आसमान छूती तेल कीमतों पर नियंत्रण मुश्किल हो गया है। इसके अलावा भारत को चाबहार बंदरगाह परियोजना पर प्रतिकूल असर पडने के साथ ही ईरान की चीन से नजदीकी बढने की चिंता सता रही है। गौरतलब है कि ईरान पहले ही परोक्ष रूप से भारत को अमेरिकी प्रतिबंध के दबाव में आने की स्थिति में नतीजे भुगतने की चेतावनी दे चुका है। 

ईरान पहले भी इस परियोजना में भारत के कम निवेश की आलोचना करते हुए उसे विशेष लाभ से वंचित करने की चेतावनी दे चुका है। चूंकि सबसे बड़ा आयातक चीन ने ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध को तवज्जो देने से इंकार किया है। ऐसे में चाबहार परियोजना पर टेढ़ी नजर रखने वाला चीन इस स्थिति का लाभ भारत के खिलाफ उठा सकता है। 

अमेरिका पहले ही दे चुका है चेतावनी 

ईरान के परमाणु समझौते से अलग होने के बाद अमेरिका ने उस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाते हुए दुनिया के देशों को व्यापार के लिए उसे या ईरान को चुनने की चेतावनी दे चुका है। अमेरिका ने पहले ही भारत सहित दुनिया के देशों से नवंबर महीने तक ईरान से तेल आयात शून्य करने की भी चेतावनी दे चुका है। पहले भारत को चाबहार के बहाने अमेरिका से रियायत पाने की उम्मीद थी। 

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