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भारतीय सेना और नौसेना में शामिल होगी निर्भय मिसाइल, एलएसी पर पहले से है तैनात
Thu, 01 Oct 2020 08:36 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Thu, 01 Oct 2020 08:36 AM IST
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निर्भय मिसाइल (फाइल फोटो)
- फोटो : Social Media
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भारत अगले महीने होने वाले सातवें परीक्षण के बाद औपचारिक रूप से निर्भय सबसोनिक क्रूज मिसाइल को भारतीय सेना और नौसेना में शामिल करेगा। वहीं चीन के साथ मई की शुरुआत से जारी गतिरोध के बीच ड्रैगन की किसी भी हरकत का करारा जवाब देने के लिए भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर निर्भय मिसाइलों को पहले से ही तैनात किया हुआ है।
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निर्भय मिसाइल की मारक क्षमता 1,000 किलोमीटर है। यह मिसाइल जमीन से 100 मीटर से चार किमी के बीच उड़ान भरने में सक्षम है और उलझाने से पहले ही टारगेट का पता लगा लेती है। निर्भय मिसाइल सिर्फ जमीन से जमीन पर ही मार कर सकती है। इसका निर्माण रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) ने किया है।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली रक्षा अधिग्रहण परिषद ने औपचारिक तौर पर निर्भय को सेना में शामिल करने की मंजूरी दे दी है। हालांकि सेना ने नई मिसाइल को तैनात करने की औपचारिकता की प्रतीक्षा नहीं की और चीन के खिलाफ एलएसी पर कुछ की तैनाती पहले ही कर दी है।
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0.7 मैक की गति से यात्रा करने वाली इस मिसाइल में टेरेन हगिंग और सी-स्किमिंग दोनों की क्षमता है, जिसके कारण इसका पता नहीं लगाया जा सकता और दुश्मन इसका जवाब नहीं दे पाता। तिब्बत और झिंजियांग में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के पश्चिमी थिएटर कमांड ने 2,000 किमी रेंज और लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों को तैनात किया हुआ है।
चीनी तैनाती अक्साई चिन पर कब्जा करने तक ही सीमित नहीं है, उसने एलएसी के 3,488 किलोमीटर पर स्थित काशगर, होटन, ल्हासा और निंगची में भी सैनिक तैनात कर रखे हैं। अधिकारियों ने कहा कि बुधवार को 400 किमी रेंज वाली ब्रह्मोस मिसाइलों का स्वदेशी एयरफ्रेम और बूस्टर के साथ परीक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के लिए लंबी दूरी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के अगले चरण का रास्ता खोलती है। ब्रह्मोस में तरल-ईंधन वाला बूस्टर है जो 500 किमी से अधिक की रेंज में सक्षम है।