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Indo-China Talk: ताइवान में उलझे चीन को भारत ने चेताया, लद्दाख में न करें हवाई सीमा का उल्लंघन
Fri, 05 Aug 2022 02:58 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Fri, 05 Aug 2022 02:58 PM IST
सार
चीनी विमानों ने बीते डेढ़ माहों में हवाई सीमा का उल्लंघन किया है। भारत ने इसे भड़काने वाले हरकत बताते हुए चीनी सैन्य अधिकारियों के समक्ष सख्त आपत्ति प्रकट की। सरकारी सूत्रों ने विशेष सैन्य वार्ता के बारे में शुक्रवार को मीडिया को जानकारी दी।
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India China LAC Border News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारत और चीन के बीच गत मंगलवार को पूर्वी लद्दाख स्थित चुशूल मोल्डो में सैन्य स्तरीय विशेष वार्ता हुई। इसमें भारत ने बीते 45 दिनों में चीन की वायु सेना द्वारा किए गए हवाई सीमा के उल्लंघन पर सख्त ऐतराज जताया। भारतीय वायुसेना ने चीन के लड़ाकू विमानों को इलाके से खदेड़ दिया था।
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भारत और चीन की बीच विश्वास कायम रखने के उपायों के तौर पर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के 10 किलोमीटर के अंदर ही लड़ाकू विमान उड़ाने पर सहमति है, लेकिन चीनी विमानों ने बीते डेढ़ माहों में इसका उल्लंघन किया है। भारत ने इसे भड़काने वाले हरकत बताते हुए चीनी सैन्य अधिकारियों के समक्ष सख्त आपत्ति प्रकट की। सरकारी सूत्रों ने विशेष सैन्य वार्ता के बारे में शुक्रवार को मीडिया को जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि भारतीय पक्ष ने चीन से कहा कि वह वायु क्षेत्र के उल्लंघन जैसी उकसाने वाली गतिविधियों से परहेज करे।
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विशेष वार्ता में एयर कमाडोर शर्मा मौजूद थे
विशेष सैन्य वार्ता में दोनों देशों के वायुसेना अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। उनके अलावा सैन्य अधिकारी भी मौजूद थे। भारतीय पक्ष की ओर से एयर कमाडोर अमित शर्मा ने मौजूद थे, वहीं चीनी पक्ष की ओर से उनके समकक्ष अधिकारी थे। सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व फायर एंड फ्यूरी कोर के तहत लेफ्टिनेंट जनरल ए सेनगुप्ता के नेतृत्व में मेजर जनरल रैंक के एक अधिकारी ने किया।
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चीन के अधिकारियों ने की यह शिकायत
चर्चा के दौरान चीनी पक्ष ने तिब्बत में अपनी वायु सेना के विमानों का पता लगाने की भारतीय वायुसेना की क्षमता पर ऐतराज जताया। चीन इसकी लगातार शिकायत कर रहा है। भारत व चीन की वायु सेना के बीच टकराव जून में शुरू हुआ था। 25 जून को चीनी वायुसेना का एक J-11 लड़ाकू विमान पूर्वी लद्दाख में तनाव वाले क्षेत्र के बहुत करीब से सुबह 4 बजे उड़ा था। इसे वायुसेना के जवानों और रडार ने तुरंत पकड़ कर सतर्क किया था।
मिराज व मिग ने दिया था चीन को जवाब
चीनी वायुसेना द्वारा हवाई क्षेत्र के उल्लंघन की गतिविधियां एक माह से अधिक समय तक जारी रही थीं। इसी दौरान भारतीय वायु सेना के मिराज 2000 और मिग-29 सहित अन्य लड़ाकू विमानों को मौके पर भेजकर जोरदार जवाब दिया था। सूत्रों ने कहा कि चीन ने भारतीय वायुसेना की इतनी तीखी प्रतिक्रिया की उम्मीद नहीं की थी। दरअसल, वायुसेना पीएलएएएफ के किसी भी दुस्साहस का जवाब देने को तैयार थी। सूत्रों ने कहा कि भारतीय वायुसेना यह सावधानी भी बरत रही है कि जमीन पर मामला न बढ़े और साथ ही चीन की हवाई गतिविधियों पर भी नजर रखी जाए।
वायु सेना हाईअलर्ट पर
कुछ हफ्ते पहले एएनआई के साथ एक साक्षात्कार में, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल विवेक राम चौधरी ने कहा था कि भारत एलएसी के पार की हवाई गतिविधियों पर लगातार नजर रखे हुए है। जैसे ही हम एलएसी पर कोई चीनी गतिविधि देखते हैं, अपने लड़ाकू विमान तैनात कर देते हैं। भारतीय सेना पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर रडार लगा रही है, ताकि हम हवाई क्षेत्र में होने वाली किसी भी गतिविधि पर नजर रख सके। इसके साथ ही जब हम चीनी विमान या रिमोट संचालित पायलट एयरक्राफ्ट सिस्टम (आरपीएएस) को एलएसी के बहुत करीब आता देखते हैं तो उचित कदम उठाते हैं। हमने खदेड़ने या हमारे सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखने के उपाय किए हैं। इनसे चीनी विमानों का हवाई उल्लंघन काफी हद तक रूक गया है।
ताइवान समेत कई मुद्दों पर चीन का चल रहा तनाव
भारत व चीन के बीच विशेष सैन्य वार्ता ऐसे समय हुई है, जब ड्रैगन का ताइवान समेत कई मामलों को अमेरिका समेत कई देशों से तनाव चल रहा है। अमेरिकी स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताजा ताइवान यात्रा से चीन बुरी तरह भड़का हुआ है। उसने ताइवान पर मिसाइलें दागी हैं। इनमें से कुछ जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में भी गिरी हैं।