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India-US Ties: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण वस्तुओं पर होगा केंद्रित, जानें कब तक हो सकता है पूरा

Sun, 30 Mar 2025 10:46 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Sun, 30 Mar 2025 10:46 PM IST
सार

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण वस्तुओं पर केंद्रित होगा। वहीं इसके सितंबर-अक्तूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। बता दें कि, दोनों देश के बीच ये समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य के साथ किया जा रहा है। 

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India, US may focus on goods sector in first phase of trade agreement: Sources, News in hindi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

भारत और अमेरिका अपने प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के पहले चरण में वस्तुओं (गुड्स) पर और दूसरे चरण में सेवाओं (सर्विसेज) पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, इस समझौते का पहला चरण सितंबर-अक्तूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इस समझौते को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों के बीच चार दिन तक चली बातचीत 29 मार्च को खत्म हुई। इसके बाद आने वाले हफ्तों में सेक्टर-विशेष चर्चा होगी।
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दो अप्रैल से अमेरिका लगाएगा पारस्परिक शुल्क
यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका दो अप्रैल से अपने प्रमुख व्यापारिक भागीदारों, जिनमें भारत भी शामिल है, पर पारस्परिक शुल्क लगाने की चेतावनी दे चुका है। अमेरिका की ओर से सहायक व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच के नेतृत्व में एक टीम भारत आई थी। यह समझौता 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य के साथ किया जा रहा है।  
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किन चीजों पर हो रही चर्चा?  
अमेरिका चाहता है कि भारत औद्योगिक वस्तुओं, इलेक्ट्रिक वाहनों, शराब, पेट्रोकेमिकल उत्पादों, डेयरी और कृषि उत्पादों (जैसे सेब, मेवे, अल्फाल्फा घास) पर कस्टम ड्यूटी में रियायत दे। वहीं भारत श्रम-प्रधान उद्योगों जैसे वस्त्र (टेक्सटाइल) के लिए शुल्क में कटौती चाहता है।

भारतीय व्यापारियों की क्या है चिंता?
भारतीय उद्योगों और निर्यातकों ने सरकार से अनुरोध किया है कि अमेरिका के पारस्परिक शुल्क से उन्हें बचाया जाए, क्योंकि इससे उनका व्यापार प्रभावित हो सकता है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है।


कृषि और डेयरी पर दोनों देशों का रुख
अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी बाजार को अपने उत्पादों के लिए खोलना चाहता है, लेकिन यह भारत के लिए एक संवेदनशील मुद्दा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इन क्षेत्रों को समझौते में शामिल नहीं करेगा।

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भारत और अमेरिका की व्यापार स्थिति
2023-24 में दोनों देशों के बीच 119.71 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। भारत ने 77.51 अरब डॉलर का निर्यात किया और 42.19 अरब डॉलर का आयात किया है। भारत को 35.31 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) मिला है। अगर भारत के प्रमुख निर्यात की बात करें, तो इसमें दवाइयां, दूरसंचार उपकरण, आभूषण, वस्त्र, पेट्रोलियम उत्पाद शामिल है। वहीं प्रमुख आयात में कच्चा तेल, कोयला, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सोना, अंतरिक्ष और विमान उपकरण शामिल हैं।

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