भारत-चीन रिश्तों की नई इबारत से दूर होगी खटास
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पहले चीन और फिर पाकिस्तान के साथ आई रिश्तों में खटास के बाद कूटनीतिक मोर्चे पर भारत चीन के साथ नई पहल करने जा रहा है। मौका है चीनी विदेश मंत्री के दिल्ली दौरे का, जिसमें भारत अब चीन से परस्पर हितों के उन सभी मुद्दों पर चर्चा करना चाहता है, जिन्हें लेकर पिछले कुछ दिनों से दोनों देशों के बीच गलत फहमी पैदा हुई।
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बातचीत में ही चीन के साथ रिश्तों की वह ताजा जमीन तैयार होगी, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन के लिए अपनी चीन यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिन पिंग से तमाम मुद्दों पर दो टूक बात करेंगे। चीन के विदेश मंत्री वांग यी अगले सप्ताह भारत आ रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप के अनुसार वांग यी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बीच आपसी हित से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। माना जा रहा है कि वांग यी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रस्तावित द्विपक्षीय वार्ता की रूपरेखा को लेकर भी चर्चा होगी।
चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग से मिलेंगे मोदी
प्रधानमंत्री मोदी जी-20 सम्मेलन में भाग लेने के लिए 4-5 सितंबर को चीन (ह्वांगझू) जा रहे हैं। इस दौरान उनकी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चर्चा प्रस्तावित है। द्विपक्षीय वार्ता में क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा के आसार है।
इसके अलावा रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा समेत अन्य शिखर नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता की पहल हो रही है। इस क्रम में चीन के राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता काफी अहमियत रख रही है। हालांकि वांग यी एक नियमित संवाद प्रक्रिया के तहत भारत आ रहे हैं।
इससे पहले वह जून 2014 में भारत आए थे और जनवरी-फरवरी 2015 में सुषमा स्वराज ने चीन का दौरा किया था। इसके अलावा दोनों देशों के विदेश मंत्री भारत-रूस-चीन के बीच मास्को में अप्रैल 2016 में हुई त्रिपक्षीय चर्चा के दौरान भी मिले थे।