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खुशखबरी: अगस्त और सितंबर में खूब बरसेंगे बादल, ला नीना के सक्रिय होने से मिलेगा फायदा
Thu, 01 Aug 2024 02:29 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 01 Aug 2024 02:29 PM IST
सार
आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत से सटे लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ और मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।
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सामान्य से अधिक होगी बारिश
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि इस साल अगस्त और सितंबर में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने गुरुवार को कहा कि अगस्त के अंत तक ला नीना के अनुकूल परिस्थितियां विकसित होने की अच्छी संभावना है। भारत की अर्थव्यवस्था के लिहाज से यह एक अच्छी खबर है। दरअसल भारत में खेती के लिए मानसून महत्वपूर्ण है, क्योंकि कुल खेती योग्य क्षेत्र का 52 प्रतिशत हिस्सा मानसून पर निर्भर करता है। साथ ही देश भर में पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए महत्वपूर्ण जलाशयों के फिर से भरने के लिए भी मानसूनी बारिश बेहद अहम है।
जून और जुलाई में भी सामान्य से अधिक हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त और सितंबर में भारत में औसत की तुलना में 106 प्रतिशत बारिश होगी। देश में 1 जून से अब तक 453.8 मिमी सामान्य बारिश दर्ज की गई है, जो कि दो प्रतिशत अधिक है। जून में सामान्य से अधिक बारिश के बाद जुलाई में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई। देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत से सटे लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ और मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।
मौसम विभाग प्रमुख ने अगस्त-सितंबर में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कम बारिश की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान रहने की उम्मीद है। महापात्र ने कहा, 'गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ इलाकों में सामान्य से कम अधिकतम तापमान रहने की संभावना है।'
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देश के इन इलाकों में बारिश में हुई कमी
भारत में जुलाई में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि मध्य क्षेत्र में 33 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। आईएमडी के आंकड़ों से पता चला है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गंगा के तटीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश में कमी आई है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की कमी 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक रही।
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जून और जुलाई में भी सामान्य से अधिक हुई बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, अगस्त और सितंबर में भारत में औसत की तुलना में 106 प्रतिशत बारिश होगी। देश में 1 जून से अब तक 453.8 मिमी सामान्य बारिश दर्ज की गई है, जो कि दो प्रतिशत अधिक है। जून में सामान्य से अधिक बारिश के बाद जुलाई में भी सामान्य से अधिक बारिश हुई। देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी प्रमुख मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों, पूर्वी भारत से सटे लद्दाख, सौराष्ट्र और कच्छ और मध्य और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की उम्मीद है।
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मौसम विभाग प्रमुख ने अगस्त-सितंबर में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में कम बारिश की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से अधिक अधिकतम तापमान रहने की उम्मीद है। महापात्र ने कहा, 'गंगा के मैदानी इलाकों, मध्य भारत और भारत के दक्षिण-पूर्वी तट के कुछ इलाकों में सामान्य से कम अधिकतम तापमान रहने की संभावना है।'
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देश के इन इलाकों में बारिश में हुई कमी
भारत में जुलाई में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि मध्य क्षेत्र में 33 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। आईएमडी के आंकड़ों से पता चला है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, गंगा के तटीय पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में बारिश में कमी आई है। हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बारिश की कमी 35 प्रतिशत से 45 प्रतिशत तक रही।