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हाईस्पीड इंटरनेट की दुनिया में होगी भारत की एंट्री, ISRO लॉन्च करेगा तीन सेटेलाइट

Sun, 21 May 2017 11:33 AM IST
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम
amarujala.com- Presented by: हर्षित गौतम Updated Sun, 21 May 2017 11:33 AM IST
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India to enter high-speed internet era, ISRO will launch three new satellites
- फोटो : Getty Images

अंतरिक्ष में विश्व के सामने अपना लोहा मनवाने के बाद भारत फिर एक नया कीर्तिमान रचने जा रहा है। पिछले साल ही भारत ने इंटरनेट यूजर्स के मामले में अमेरिका को पछाड़ा और दूसरा सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर्स वाला देश बन गया।

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इस वक्त भारत से ज्यादा इंटरनेट यूजर्स वाला देश सिर्फ चीन ही है, लेकिन इंटरनेट स्पीड के मामले में भारत अभी कई एशियाई देशों से पीछे है। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) ने अब इस क्षेत्र में भी बड़ा लकीर खींचने का मन बना लिया है। अगले 18 महीनों में भारत 3 संचार उपग्रहों के प्रक्षेपण के जरिए भारतीय यूजर्स को औसत इंटरनेट स्पीड देने में सक्षम हो पाएगा।
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अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान इसरो के चेयरमैन किरन कुमार ने बताया, 'हम तीन संचार उपग्रह लांच करने जा रहे हैं, जिसमें GSAT-19 जून में GSAT-11 उसके बाद और फिर GSAT-20 शामिल हैं। GSAT-19 को भारत के नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल के जरिए प्रक्षेपित किया जाएगा। इसमें  क्रायोजेनिक इंजन लगा हुआ है जो कि 4 टन क्षमता के सेटेलाइट को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट में पहुंचाने की क्षमता रखता है।

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ऐसे काम करेंगी ये सेटेलाइट

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ये कम्यूनिकेशन सेटेलाइ मल्टीपल स्पॉट बीम (एक विशेष तरह की हाईफ्रीक्वेंसी पर काम कर सकने वाला ट्रांसपोन्डर) का इस्तेमाल करेंगी। इससे इंटरनेट की स्पीड समेत बेहतर कनेक्टिविटी की सुविधा यूजर्स के लिए मुहैया हो पाएगी। मल्टीपल बीम के जरिए पूरे देश को कवर किया जाएगा।

साधारण शब्दों में कहें तो स्पॉट बीम (सेटेलाइट पर लगे हाई गेन एंटीना के जरिए सिग्नल भेजता है)  एक सेटेलाइट सिग्नल है, जो धरती के एक सीमित क्षेत्र को ही कवर कर पाता है। तीन सेटेलाइट के जरिए बीम (सिग्नल) छोटे क्षेत्रों में कई बार डाली जाएगी वहीं सिंगल बीम एक बार ही एक बड़े एरिया में डाली जाती है। इसकी वजह से इसका सिग्नल हाईस्पीड इंटरनेट सुविधा नहीं दे पाता है।

अहमदाबाद आधारित स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के तपन मिश्रा के मुताबिक इन तीन सेटेलाइट के जरिए हाईक्वालिटी इंटरनेट के साथ फोन और वीडियो सर्विसेज भी बहुत बेहतर होंगे।

जून तक 45 से 46.5 करोड़ इंटरनेट यूजर्स हो जाने का अनुमान

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मिश्रा कहते हं कि पारम्परिक GSAT सेटेलाइट जहां सिर्फ 1 गीगाबाइट पर सेकेंट की स्पीड देने में सक्षम था वहीं GSAT- 19 4 गीगाबाइट पर सेंकेंड के हिसाब से डेटा ट्रांसफर कर सकता है। ये सेटेलाइट 8 बीम का इस्तेमाल करती है।

वहीं GSAT- 11 इससे और बेहतर है वहीं GSAT- 19 सोलह बीम का इस्तेमाल करती है। इसकी क्षमता 13 गीगाबाइट पर सेंकेंड डेटा ट्रांसफर करने की क्षमता है। वहीं 2018 में लांच होने वाली GSAT- 20 40 बीम का इस्तेमाल करती है।

इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के  सर्वे के मुताबिक भारत में जून तक 45 से 46.5 करोड़ यूजर्स हो जाने का अनुमान है। 2016 में ये आंकड़ा 43.20 था। अमेरिका की क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर कंपनी कहती है कि भारत 4.1 एमबीपीएस इंटरनेट स्पीड के साथ विश्व में फिलहाल 105वें नंबर पर है।

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