भारत ने किया ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, 400 किमी तक है मारक क्षमता
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पूर्वी लद्दाख में चीन से जारी गतिरोध के बीच भारत ने बुधवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया, जो 400 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तक टारगेट को ध्वस्त कर सकती है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने ओडिशा के बालासोर में जमीन से पीजे-10 प्रोजेक्ट के तहत मिसाइल का परीक्षण किया और मिसाइल को स्वदेशी बूस्टर के साथ लॉन्च किया गया।
The extended range BrahMos supersonic cruise missile that was test-fired off the coast of Odisha’s Balasore today. The missile can hit targets at a range of more than 400 kms. It is fitted with new indigenous booster and airframe. https://t.co/Wacj2GD4fv pic.twitter.com/ATLvoY8xE3
— ANI (@ANI) September 30, 2020विज्ञापन
यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के उन्नत वर्जन का दूसरा सफल परीक्षण है, जो स्वदेश में विकसित एअरफ्रेम और बूस्टर से लैस है। डीआरडीओ के चेयरमैन डॉ. जी सतीश रेड्डी ने सफल परीक्षण पर वैज्ञानिकों की टीम को बधाई देते हुए कहा, इससे सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल में ज्यादा स्वदेशी सामग्री को शामिल किया जाएगा।
ब्रह्मोस एक रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी, युद्धपोत, लड़ाकू विमानों और जमीन से भी लॉन्च किया जा सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल को भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम के तहत विकसित किया गया है। शुरुआत में इसकी रेंज 290 किलोमीटर थी।
हालांकि इसकी क्षमता को बढ़ाकर 400 किलोमीटर से ज्यादा किया गया है। कुछ अनुमानों के मुताबिक, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 450 किलोमीटर से अधिक दूसरी तक दुश्मन के टारगेट को तबाह कर सकती है।
2005 में सेना में किया गया था शामिल
ब्रह्मोस को भारतीय सेना में पहली बार 2005 में शामिल किया गया था और इसे नौसेना के युद्धपोत आईएनएस राजपूत को तैनात किया गया था। जहाज और जमीन से मार करने वाली ब्रह्मोस मिसाइल सेवा में हैं, जबकि हवा से मार करने वाली मिसाइल का सफल परीक्षण किया जा चुका है।