सतह से हवा में मार करने वाली QRSAM मिसाइल का दूसरा सफल परीक्षण, राजनाथ सिंह ने दी बधाई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत ने मंगलवार को एक और सफल मिसाइल परीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने सतह से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल प्रणाली का सफल परीक्षण किया परीक्षण के दौरान मिसाइल ने सटीक निशाना लगाने के साथ टारगेट को तय समय में मार गिराया। इससे पहले 13 नवंबर को भी भारत ने ओडिशा के बालासोर तट पर ऐसा ही एक और सफल परीक्षण किया था। इन सफलताओं पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ को बधाई दी है।
#WATCH Quick Reaction Surface to Air Missile air defence system successfully testfired by DRDO today. The Missile system secured a direct hit on its target during the trial pic.twitter.com/AKn7J488Wi
— ANI (@ANI) November 17, 2020
राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, 'सतह से हवा में मार करने वाली क्विक रिएक्शन मिसाइल के लगातार दो सफल परीक्षणों पर डीआरडीओ को बधाई। पहला परीक्षण 13 नवंबर से रडार और मिसाइल क्षमताएं सिद्ध हुई थीं। आज के परीक्षण ने निशाने लगाने में हथियार के प्रदर्शन की क्षमता दर्शाई।' बता दें कि क्यूआरएसएएम मिसाइल का निर्माण डीआरडीओ के वैज्ञानिकों ने भारतीय सेना के लिए किया है। इसे जून में इसी साल पूर्वी लद्दाख में तैनात किया गया था।
Congratulations to @DRDO_India for two back to back successful test trials of Quick Reaction Surface to Air Missile.
First launch test on 13th Nov proved the Radar and Missile capabilities with direct hit.
Today’s test demonstrated the warhead performance on proximity detection— Rajnath Singh (@rajnathsingh) November 17, 2020
सूत्रों के मुताबिक, मिसाइल को मोबाइल लॉन्चर से दागा जाता है, जो छह मिसाइलों को ले जाने में सक्षम है। सभी क्यूआरएसएएम हथियार सिस्टम में बैटरी मल्टीफंक्शन रडार, बैटरी सर्विलांस रडार, बैटरी कमांड पोस्ट व्हीकल और मोबाइल लॉन्चर होता है, जिनका इस्तेमाल परीक्षण में किया गया। रडार ने टारगेट बनी पीटीए को ट्रैक किया, जिसके बाद जोन में मिसाइल लॉन्च किया और सफलतापूर्वक विमान को मार गिराया। परीक्षण में रक्षा अनुसंधान व विकास संगठन (डीआरडीओ) के विभिन्न लैब जैसे डीआरडीएल, आरसीआई, एलआरडीई, आरएंडडीई, आईआरडीई और आईटीआर ने हिस्सा लिया।
ये मिसाइल किसी भी मौसम में 25-30 किलोमीटर तक की रेंज में दुश्मन को तबाह कर सकती है। गौरतलब है कि चीन और पाकिस्तान के साथ सीमा पर चल रहे विवाद के बीच भारत एक के बाद एक कई परीक्षण कर चुका है। पिछले महीने भी भारत ने डीआरडीओ द्वारा विकसित नाग एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का परीक्षण किया था।