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पाक को सबक सिखाने के लिए भारत ने शुरू की कूटनीतिक जंग

Wed, 21 Sep 2016 06:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 21 Sep 2016 06:32 AM IST
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india starts diplomatic war to teach pakistan
मोदी और सुषमा स्वराज

उड़ी आतंकी हमला मामले में पाकिस्तान को सबक सिखाने की पहली कड़ी में भारत ने कूटनीतिक जंग शुरू कर दी है। पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित कर उसे दुनिया से अलग-थलग करने के मिशन के तहत भारत ने विभिन्न देशों में स्थित अपने उच्चायोगों, दूतवासों और संयुक्त राष्ट्र के मिशन के जरिए कूटनीतिक संपर्क साधना शुरू कर दिया है।

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इस मुहिम में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज भी व्यक्तिगत स्तर पर पहल कर रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी पाकिस्तान को बेनकाब करने की रणनीति तैयार की है। इस आतंकी हमले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते तीन दिनों में लगातार तीसरी बार उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
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इस बैठक में पहली बार विदेश सचिव को भी शामिल किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, आईबी और रॉ के मुखिया की उपस्थिति में हुई इस बैठक में एलओसी पर घुसपैठ वाले प्वाइंट को निशाना बनाने और व्यापक पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाने का खाका खींचा गया।
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कूटनीतिक जंग के जरिए पाकिस्तान को अलग-थलग करने की मुहिम के तहत विदेश मंत्री 26 सितंबर को यूएन आमसभा में उड़ी आतंकी हमले का मामला उठाते हुए पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने की मांग करेंगी। इस क्रम में पाकिस्तान के कश्मीर राग का जवाब बलुचिस्तान में मानवाधिकार उल्लंघन मामले से दिया जाएगा।

सर्जिकल ऑपरेशन के लिए हड़बड़ी में नहीं है भारत

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यूएन स्थित भारतीय मिशन से कहा गया है कि पाकिस्तान को अलग-थलग करने केलिए वह विभिन्न देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता का प्रबंध कराए। उच्चायोगों और दूतावासों से विभिन्न देशों से इस हमले की सार्वजनिक निंदा करने के लिए कहा गया है। सूत्रों का कहना है कि इस कूटनीतिक जंग में खुद पीएम मोदी और सुषमा व्यक्तिगत पहल कर रहे हैं।

विदेश मंत्री ने इस क्रम में अपने ब्रिटिश समकक्ष से बात की है। जबकि पीएम मोदी के हस्तक्षेप के बाद ही रूस ने पाकिस्तान के साथ युध्याभ्यास करने से दूरी बना ली। जबकि फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और भारत में अमेरिकी राजदूत ने उड़ी हमले की कड़ी निंदा की। इस मुहिम में पाकिस्तान को बेनकाब करने केलिए एनआईए आतंकियों से बरामद जीपीएस सिस्टम को अमेरिका भेजेगा।

सर्जिकल ऑपरेशन के लिए हड़बड़ी में नहीं है भारत
पीओके और एलओसी के आसपास के आतंकी शिविरों पर भारत की निगाहें तो हैं, मगर इसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई या अन्य विकल्प आजमाने में हड़बड़ी नहीं दिखाई जाएगी। बैठक में लगातार तीसरे दिन सर्जिकल ऑपरेशन पर गंभीर मंथन हुआ। हालांकि इस कार्रवाई से पहले दुनिया भर में पाकिस्तान के खिलाफ माहौल बनाने पर सहमति हुई। जानकारों का कहना है कि चूंकि फिलहाल पाकिस्तान सतर्क है, इसलिए इस रणनीति को समय आने पर अंजाम दिया जाएगा। फिलहाल भारत घुसपैठ वाले प्वाइंट पर जीरो टॉलरेंस की रणनीति अपनाते हुए जबर्दस्त सर्च ऑपरेशन चलाएगा।

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