फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   india's former permanent representative to un syed akbaruddin on closed door unsc meeting on Kashmir

पहलगाम हमला: 'भारत की कूटनीति के सामने पाकिस्तान ने फिर मुंह की खाई', UNSC की बंद कमरे में बैठक पर अकबरुद्दीन

Tue, 06 May 2025 05:14 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 06 May 2025 05:14 PM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की कोशिशें पूरी तरह नाकाम रहीं, क्योंकि उसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कोई समर्थन नहीं मिला। वह सिर्फ दिखावा करता है और दुनिया उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लेती है।

विज्ञापन
india's former permanent representative to un syed akbaruddin on closed door unsc meeting on Kashmir
सैयद अकबरुद्दीन - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

कश्मीर पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएसी) की बंद कमरे में बैठक पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के पूर्व स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने मंगलवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में आज पाकिस्तान की वास्तविक स्थिति यह है कि कोई भी देश उसकी बातों को गंभीरता से नहीं लेता और न ही उसके परमाणु हथियार और सिंधु जल समझौते के निलंबन पर हमले की धमकी का भारत पर कोई असर होता है।  

विज्ञापन


अकबरुद्दीन ने कहा, बहुपक्षीय संगठनों का इस्तेमाल करके दुनिया का ध्यान आकर्षित करने का पाकिस्तान का प्रयास नया नहीं है। हमने इसे काई बार देखा है। इस बार उसने 60 वर्षों में पहली बार एक ऐसे एजेंडा पेश करने की कोशिश की, जिस पर पहले कभी चर्चा नहीं हुई थी। वह है भारत-पाकिस्तान सवाल। भारत-पाकिस्तान सवाल पर आखिरी बार औपचारिक चर्चा 1965 में हुई थी। पाकिस्तान ने सोचा कि इसके जरिए वह भारत-पाकिस्तान के मुद्दे को फिर से अंतरराष्ट्रीय मंच पर लाकर चर्चा का विषय बना सकता है। लेकिन यह केवल एक दिखावा था।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: ‘महिला उम्मीदवारों के लिए सचिव पद आरक्षित हो’, SCBA चुनाव के लिए सुप्रीम कोर्ट ने तय की 20 मई की तारीख

विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व राजनयिक ने कहा, पाकिस्तान सार्वजनिक कूटनीति पर ज्यादा फोकस करता है। असल में वह इन मंचों का उपयोग अपने देश की छवि को सुधारने के लिए के लिए करता है, न कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर वार्ता के लिए। इसलिए उसका प्रयास विफल हो गया। दिखावा काम नहीं आया। सुरक्षा परिषद ने उसके मामले को स्वीकार ही नहीं किया। उन्होंने कहा, यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है, जो महीनों से 15 देशों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर काम कर रहा था। फिर पता चला कि जो वह चाहता है, उसे स्वीकार नहीं किया जा रहा है। 

अकबरुद्दीन ने बताया कि सुरक्षा परिषद इस तरह से काम करता है.. सबसे पहले प्रस्ताव आता है, फिर अध्यक्षीय बयान आता है, फिर प्रेस बयान और अंत में सुरक्षा परिषद के प्रमुख प्रेस से मौखिक रूप से कुछ कहते हैं। इन चारों में से कोई भी बात इस बैठक के बाद नहीं हुई। इसका मतलब है कि पाकिस्तान ने जो भी कोशिश की, वो पूरी तरह विफल रही। आप देख सकते हैं कि पाकिस्तान की कोशिशों का कोई असर नहीं पड़ा। इतनी कोशिशों के बावजूद उन्हें कोई समर्थन नहीं मिला।


ये भी पढ़ें: HDI 2025: मानव विकास सूचकांक में भारत की छलांग, 193 देशों में 130वां स्थान; शिक्षा व आर्थिक मोर्चो पर सुधार

उन्होंने कहा, जो होना था, वही हुआ – इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि पाकिस्तान को कोई समर्थन नहीं मिलेगा, क्योंकि आज की दुनिया में पाकिस्तान को एक गंभीर और भरोसेमंद देश नहीं माना जाता। हर कोई जानता है कि पाकिस्तान की कोशिशें सिर्फ दिखावे और प्रचार के लिए होती हैं, ना कि किसी गंभीर संवाद या समाधान के लिए। वह सिर्फ मंच पर बोलना चाहता है, लेकिन असली बातचीत में रुचि नहीं रखता।

उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच की पाकिस्तान की मांग का चीन द्वारा समर्थन किए जाने पर भी प्रतिक्रिया दी। अकबरुद्दीन ने कहा, यह एक ऐसा खेल है जिसे पाकिस्तान नियमित रूप से खेलता है। यह एक ऐसा खेल है जिसमें वह लड़खड़ा जाता है। यह एक ऐसा खेल है, जिसमें उसका एकमात्र सदाबहार मित्र चीन है। लेकिन बाकी दुनिया आगे बढ़ चुकी है, वह पाकिस्तान को उसकी वास्तविकता के रूप में पहचानती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed