फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में 2024 तक होगा भारी निवेश, 90 लाख लोगों को मिलेगा रोजगार
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देश के फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में साल 2024 तक 33 अरब डॉलर यानी करीब 2,200 अरब रुपये का निवेश आकर्षित करने की क्षमता है। मंगलवार को यहां जारी एक अध्ययन में यह बात कही गई।
अध्ययन के मुताबिक, देश का खाद्य तथा खुदरा बाजार साल 2020 तक 482 अरब डॉलर के आंकड़े को छू सकता है, जबकि साल 2015 में यह 258 अरब डॉलर का था। हालिया सुधारों से यह क्षेत्र अधिक प्रतिस्पर्धी तथा बाजार केंद्रित हुआ है।
भारतीय उद्योग निकाय एसोचैम तथा शिकागो की पेशेवर सेवा कंपनी ग्रांट थॉर्नटन के संयुक्त अध्ययन के मुताबिक, फूड प्रोसेसिंग तकनीक, कौशल विकास तथा उपकरण में व्यापक निवेश की संभावना है, क्योंकि अगले 10 वर्षों में भारत में कुल खाद्य उत्पाद दोगुना होने की उम्मीद है।
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गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत
अध्ययन के मुताबिक, परिणामस्वरूप खाद्य एवं प्रसंस्करण क्षेत्र में 33 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 2024 तक 90 लाख लोगों के लिए रोजगार पैदा करने की क्षमता है।
चूंकि यह क्षेत्र वृद्धि का अवसर प्रदान करता है, इसलिए अध्ययन में सुझाया गया है कि इसे वैश्विक मानकों व गुणवत्ता के उत्पाद पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। साथ ही अन्य कारकों जैसे लॉजिस्टिक ट्रेसेबिलिटी व सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग व डिलीवरी पर ध्यान देने की जरूरत है।
संबंधित कई उप-क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा विकसित करने के लिए भारत को नीतिगत हस्तक्षेप तथा क्षेत्र स्तरीय बदलाव करने की जरूरत है, ताकि वे वैश्विक मूल्य श्रृंखला में अच्छी तरह से खप जाए। घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कृषि क्षेत्र के लिए अनुकूल शर्तें हासिल करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण में तेज वृद्धि एवं मूल्य श्रृंखला के विकास में सुधार बेहद जरूरी है।