{"_id":"58111df84f1c1b944ebc3a12","slug":"india-rose-21-places-in-gender-equality-rankings","type":"story","status":"publish","title_hn":"लैंगिक समानता: भारत की ऊंची छलांग, पाक नीचे से दूसरा","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
लैंगिक समानता: भारत की ऊंची छलांग, पाक नीचे से दूसरा
एजेंसी, जिनेवा / नई दिल्ली
Updated Mon, 16 Jan 2017 01:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वेतन और शिक्षा में कम होते लैंगिक अंतर की वजह से लैंगिक समानता सूचकांक में भारत पिछले साल के मुकाबले दुनिया में 21 पायदान ऊपर उठा है। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) द्वारा दी गई रैंकिंग में राजनैतिक सशक्तिकरण के रूप में भारत दुनिया के शीर्ष 10 देशों की सूची में शुमार हुआ है। यह राहत भरी खबर जरूर है, लेकिन इस सूचकांक में भारत अभी भी 144 देशों में निराशाजनक 87वें स्थान पर है। रिपोर्ट में पाकिस्तान का स्थान नीचे से दूसरी पायदान पर है, जबकि शीर्ष स्थान आइसलैंड ने हासिल किया है।
मंगलवार को जारी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2016 के मुताबिक भारत ने यह लैंगिक अंतर इस साल 2 फीसदी की दर से खत्म करने में सफलता पाई है। विश्व आर्थिक मंच द्वारा यह अंतर चार मापदंडों पर निर्धारित होता है, जिनमें अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य व राजनैतिक प्रतिनिधित्व को शामिल किया जाता है। इसके मुताबिक भारत ने काफी हद तक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा दाखिले में लैंगिक अंतर को खत्म करते हुए 108वां स्थान हासिल किया है। लेकिन आर्थिक मामलों पर अभी उसे काफी काम करने की जरूरत है। आर्थिक मामलों में 144 देशों के भीतर भारत को 136वीं रैंक हासिल हुई है। राजनैतिक भागीदारी में भारत 9वें स्थान पर हैं, पिछले साल भी भारत इसी पायदान पर था।
अमेरिका का 45वां स्थान, यमन सबसे नीचे
दक्षिण एशिया के अन्य देशों में बांग्लादेश 72वें स्थान पर हैं, श्रीलंका 100वें, नेपाल 110वें, मालदीव 115वें और भूटान 121वें नंबर पर है। सबसे नीचे का स्थान यमन का है, जो इस सूची में 144वें स्थान पर है। दुनिया के शीर्ष-4 देशों में आइसलैंड शीर्ष पर रहा, उसके बाद फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन का नंबर आया है। अमेरिका 45वें नंबर पर है।
विज्ञापन
आर्थिक भागीदारी में भारत कुछ बेहतर
ब्रिक्स देशों में दक्षिण अफ्रीका 15वें, रूस 75वें, ब्राजील 79वें और चीन 99वें स्थान पर है। चीन पिछले साल 91वें पायदान पर था, जो कि 2014 की उसकी रैंकिंग (87) से कम था। अब चीन और नीचे खिसक गया है। आर्थिक भागेदारी में भारत पिछले साल की रैंकिंग (139) से थोड़ा बेहतर स्थिति (136) में पहुंच गया है। शिक्षा में भारत को 113वां स्थान मिला है, जो कि पिछले साल 125वां था।
विज्ञापन
मंगलवार को जारी ग्लोबल जेंडर गैप रिपोर्ट 2016 के मुताबिक भारत ने यह लैंगिक अंतर इस साल 2 फीसदी की दर से खत्म करने में सफलता पाई है। विश्व आर्थिक मंच द्वारा यह अंतर चार मापदंडों पर निर्धारित होता है, जिनमें अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य व राजनैतिक प्रतिनिधित्व को शामिल किया जाता है। इसके मुताबिक भारत ने काफी हद तक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा दाखिले में लैंगिक अंतर को खत्म करते हुए 108वां स्थान हासिल किया है। लेकिन आर्थिक मामलों पर अभी उसे काफी काम करने की जरूरत है। आर्थिक मामलों में 144 देशों के भीतर भारत को 136वीं रैंक हासिल हुई है। राजनैतिक भागीदारी में भारत 9वें स्थान पर हैं, पिछले साल भी भारत इसी पायदान पर था।
विज्ञापन
अमेरिका का 45वां स्थान, यमन सबसे नीचे
दक्षिण एशिया के अन्य देशों में बांग्लादेश 72वें स्थान पर हैं, श्रीलंका 100वें, नेपाल 110वें, मालदीव 115वें और भूटान 121वें नंबर पर है। सबसे नीचे का स्थान यमन का है, जो इस सूची में 144वें स्थान पर है। दुनिया के शीर्ष-4 देशों में आइसलैंड शीर्ष पर रहा, उसके बाद फिनलैंड, नार्वे और स्वीडन का नंबर आया है। अमेरिका 45वें नंबर पर है।
विज्ञापन
आर्थिक भागीदारी में भारत कुछ बेहतर
ब्रिक्स देशों में दक्षिण अफ्रीका 15वें, रूस 75वें, ब्राजील 79वें और चीन 99वें स्थान पर है। चीन पिछले साल 91वें पायदान पर था, जो कि 2014 की उसकी रैंकिंग (87) से कम था। अब चीन और नीचे खिसक गया है। आर्थिक भागेदारी में भारत पिछले साल की रैंकिंग (139) से थोड़ा बेहतर स्थिति (136) में पहुंच गया है। शिक्षा में भारत को 113वां स्थान मिला है, जो कि पिछले साल 125वां था।