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WTO: डब्ल्यूटीओ में ईयू कार्बन टैक्स को चुनौती दे सकता है भारत, EU के एकतरफा फैसले के विरुद्ध शिकायत की योजना
Wed, 17 May 2023 06:43 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Wed, 17 May 2023 06:43 AM IST
सार
भारतीय कार्रवाई ईयू द्वारा स्टील, लौह अयस्क और सीमेंट जैसी उच्च कार्बन वस्तुओं के भारत से आयात पर 20 से 35 प्रतिशत तक शुल्क लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ है।
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यूरोपीय संघ
- फोटो : pixabay
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विस्तार
सरकार के शीर्ष व उद्योग सूत्रों के मुताबिक, यूरोपीय संघ (ईयू) के एक प्रस्ताव के खिलाफ भारत विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रहा है। भारतीय कार्रवाई ईयू द्वारा स्टील, लौह अयस्क और सीमेंट जैसी उच्च कार्बन वस्तुओं के भारत से आयात पर 20 से 35 प्रतिशत तक शुल्क लगाने के प्रस्ताव के खिलाफ है।
यह कार्रवाई यूरोपीय संघ की कार्बन सीमा संतुलन मैकेनिज्म से निपटने के लिए नई दिल्ली की रणनीति का हिस्सा है। इसे द्विपक्षीय वार्ता में कार्बन उत्सर्जन घटाने के मकसद से नई तकनीकों में निवेश करने के लिए डिजाइन किया गया है ताकि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, द्विपक्षीय मुद्दों और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ईयू के नेताओं से मिलने ब्रुसेल्स की यात्रा पर हैं। गत माह, ईयू ने 2026 से उच्च कार्बन वाले सामानों के आयात पर लेवी लगाने की दुनिया की पहली योजना को मंजूरी दी। सरकार ईयू के एकतरफा फैसले के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रही है।
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यह कार्रवाई यूरोपीय संघ की कार्बन सीमा संतुलन मैकेनिज्म से निपटने के लिए नई दिल्ली की रणनीति का हिस्सा है। इसे द्विपक्षीय वार्ता में कार्बन उत्सर्जन घटाने के मकसद से नई तकनीकों में निवेश करने के लिए डिजाइन किया गया है ताकि स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सके। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, द्विपक्षीय मुद्दों और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए ईयू के नेताओं से मिलने ब्रुसेल्स की यात्रा पर हैं। गत माह, ईयू ने 2026 से उच्च कार्बन वाले सामानों के आयात पर लेवी लगाने की दुनिया की पहली योजना को मंजूरी दी। सरकार ईयू के एकतरफा फैसले के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रही है।
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