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लद्दाख में भारत ने चीन को फिर दिलाई अपने वादे को निभाने की याद
Thu, 06 Aug 2020 09:58 PM IST
मुकेश कुमार झा
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Thu, 06 Aug 2020 09:58 PM IST
सार
- दोनों विशेष प्रतिनिधियों में बनी थी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर फौज हटाने की सहमति
- भारत कर रहा है पालन, चीन भी इसके अनुपालना की उम्मीद
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भारत चीन
- फोटो : iStock
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विस्तार
भारत ने एक बार फिर चीन को उसका वादा याद दिलाया है। यह वादा चीन के साथ सीमा मुद्दे पर बातचीत के विशेष प्रतिनिधि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी के बीच 05 जुलाई को हुई बातचीत का है।
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भारत चीन को पांच जुलाई के बाद से इस वादे को कई बार याद दिला चुका है। इसके उलट चीन का विदेश मंत्रालय, नई दिल्ली स्थित चीन के राजदूत दोनों खुलकर कोई बयान नहीं देते। चीन जहां लद्दाख क्षेत्र में अपनी सेना को वास्तविक नियंत्रण रेखा पर ले जाने के मामले में मौन है। वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने फिर उसे विशेष प्रतिनिधि को दिए वचन निभाने की नसीहत दी है।
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अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच में 05 जुलाई को वार्ता हुई थी। इस बीतचीत में चीन ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के सम्मान, सीमा पर शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा इसके लिए पूरी तरह से चीन की सेना पीछे ले जाने का वादा किया था।
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अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि भारत वास्तविक नियंत्रण रेखा, अंतरराष्ट्रीय सहमतियों का सम्मान करता है। हम सीमा पर शांति और सौहार्द के पक्षधर हैं। दोनों देशों के विश्वसनीय द्विपक्षीय रिश्ते के लिए यह आवश्यक है। हम उम्मीद करते हैं कि चीन भी इसके अनुरूप सीमा पर शांति और सौहार्द कायम करने के लिए विशेष प्रतिनिधियों के बीच में सहमति का सम्मान करेगा। सैनिकों की पूर्ण वापसी, वास्तविक नियंत्रण रेखा का सम्मान सुनिश्चित करेगा।
चीन की चाल से चौकन्ना हुआ भारत
सेना मुख्यालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को चीन के वादा निभाने की प्रक्रिया कुछ जटिल लगने लगी है। चीन एक तरफ सैनिकों के वापसी और वास्तविक नियंत्रण रेखा के सम्मान का वादा कर रहा है, दूसरी तरफ हिमाचल, लिपुलेक में सैन्य तैनाती बढ़ा रहा है।
तिब्बत में उसके फाइटर जेट उड़ान भर रहे हैं। लद्दाख से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा से कुछ दूर उसके सैनिकों का बड़ा जमावड़ा मौजूद है। इनमें टैंक, तोप, ड्रोन, मिसाइल प्रणाली काफी कुछ तैनात है। चीन की इस तैयार को देखकर भारतीय सश बलों ने भी सैन्य तैयारी में काफी इजाफा किया है।
चीन से लगती सीमा पर लड़ाकू विमान, निगरानी के तमाम उपकरण, सेना की मैकेनाइज्ड टीम, विशेष दस्ते, नौसेना की बोट, आकाश प्रतिरक्षी मिसाइल प्रणाली, बोफोर्स तोप, अमेरिका से आई एम-777 तोप, टी-90 टैंक समेत अन्य को तैनात कर दिया है। सेना ने लाजिस्टिक सपोर्ट की दिशा में कई कदम उठाए हैं।